Q201.निम्न वाक्य में कौन-सा शब्द अशुद्ध है?
विक्रमादित्य अपने समय में कुसल और न्यायप्रिय शासक थे।
- Aन्यायप्रिय
- Bविक्रमादित्य
- Cशासक
- Dकुसल
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अवधारणा: 'श' और 'स' की वर्तनी पहचानें।
- 'कुसल' ग़लत लिखा है; मानक रूप 'कुशल' (दक्ष, निपुण)।
- कुशल = कु + शल – यहाँ तालव्य 'श' लगता है।
- बाकी तीन विकल्पों की वर्तनी में कोई दोष नहीं।
ट्रिक: कुशल, कुशलता, कौशल – पूरे परिवार में 'श' ही रहता है।
उत्तर: (D) कुसल
SSC GDHindiSpelling – sh/sSSC GD 2025 · 19 Feb Shift 2
Q202.दिए गए वाक्य में शब्द या वाक्य-खंड को बदलिए।
मैं आपका दर्शन करने आया हूँ।
- Aमैं सिर्फ आपका दर्शन करने आया हूँ।
- Bमैं आपका दर्शन करूँगा।
- Cमैं आपका दर्शन हेतु आया हूँ।
- Dमैं आपके दर्शन करने आया हूँ।
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अवधारणा: 'दर्शन' शब्द आदरसूचक रूप में बहुवचन की तरह प्रयोग होता है।
- 'आपका दर्शन' अमानक है; 'आपके दर्शन' मानक प्रयोग।
- (a), (b) में 'आपका' बना रहता है; (c) 'दर्शन हेतु' के बाद 'करने' हटने से वाक्य अटपटा।
याद रखें: दर्शन, प्राण, हस्ताक्षर, आँसू, होश – ये प्रायः बहुवचन में प्रयुक्त होते हैं।
उत्तर: (D) मैं आपके दर्शन करने आया हूँ।
SSC GDHindiSentence correctionSSC GD 2025 · 19 Feb Shift 2
Q203.‘आकाश’ का सही विलोम क्या होगा?
- Aगगन
- Bपाताल
- Cआसमान
- Dव्योम
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अवधारणा: विलोम = उल्टा अर्थ देने वाला शब्द।
- आकाश (ऊपर का लोक) ↔ पाताल (धरती के नीचे का लोक)।
- गगन, आसमान, व्योम – ये आकाश के समानार्थी हैं, विपरीत नहीं।
ट्रिक: तीन विकल्प एक-दूसरे के पर्याय हों तो बचा हुआ चौथा प्रायः विलोम होता है।
उत्तर: (B) पाताल
SSC GDHindiAntonymSSC GD 2025 · 19 Feb Shift 2
Q204.निम्नलिखित वाक्यांश हेतु सार्थक शब्द की पहचान करें-
जो कभी नहीं आया हो
- Aअवगत
- Bअनागत
- Cदृश्य
- Dनिरस्त
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अवधारणा: उपसर्ग 'अन्' निषेध का भाव जोड़ता है।
- अन् + आगत (आ चुका) = अनागत → जो अभी आया ही न हो, भविष्य।
- अवगत = जानकार; दृश्य = दिखने योग्य; निरस्त = रद्द।
याद रखें: आगत (आया हुआ) – अनागत (न आया) – अभ्यागत (अतिथि) – स्वागत; एक ही धातु के रूप।
उत्तर: (B) अनागत
SSC GDHindiOne-word substitutionSSC GD 2025 · 19 Feb Shift 2
Q205.निम्नलिखित में से किस वाक्य में संज्ञा शब्द का प्रयोग किया गया है?
- Aपश्चिम दिशा से आँधी चली।
- Bकल तक रुकेगी।
- Cअंदर मत आना।
- Dतुम किसके साथ गए थे?
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अवधारणा: नाम बताने वाला शब्द (प्राणी, चीज़, जगह, भाव) = संज्ञा।
- पहले विकल्प में 'आँधी' व 'दिशा' नाम-सूचक शब्द हैं → संज्ञा मौजूद।
- (b) 'कल' – काल बताने वाला क्रियाविशेषण; (c) 'अंदर' – स्थानसूचक क्रियाविशेषण।
- (d) 'तुम', 'किसके' – सर्वनाम।
ट्रिक: हर वाक्य से नाम-वाचक शब्द ढूँढें; सर्वनाम और क्रियाविशेषण हटाते ही उत्तर मिल जाता है।
उत्तर: (A) पश्चिम दिशा से आँधी चली।
SSC GDHindiNounSSC GD 2025 · 19 Feb Shift 2
Q206.‘मुझे एक ____ गरम दूध पिला दो।’ वाक्य के रिक्त स्थान के लिए सर्वाधिक उपयुक्त देशज शब्द चुनिए।
- Aगिलास
- Bथरमस
- Cकप
- Dकटोरा
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अवधारणा: देशज = लोक-बोलियों में जन्मे शब्द; विदेशज = दूसरी भाषाओं से उधार लिए शब्द।
- कप, गिलास, थरमस – तीनों English से आए विदेशज शब्द।
- कटोरा – लोकभाषा का अपना शब्द, अतः देशज।
याद रखें: अन्य देशज शब्द: लोटा, पगड़ी, खिड़की, जूता, तेंदुआ।
उत्तर: (D) कटोरा
SSC GDHindiDeshaj wordsSSC GD 2025 · 19 Feb Shift 2
Q207.दिए गए वाक्य में शब्द या वाक्य-खंड को बदलिए।
हम अवश्य ही जाएँगे।
- Aहम तो अवश्य ही जाएँगे।
- Bहम तो अवश्यमें जाएँगे।
- Cहम तो जाएँगे ही।
- Dहम तो अवश्य जाएँगे।
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अवधारणा: एक ही अर्थ वाले दो शब्द साथ आएँ तो पुनरुक्ति दोष होता है।
- 'अवश्य' स्वयं निश्चय बताता है; साथ में 'ही' अनावश्यक।
- (a) में 'ही' बना है, (b) 'अवश्यमें' अशुद्ध रूप, (c) में 'अवश्य' का बल खो गया।
ट्रिक: इसी तरह के दोष: 'केवल मात्र', 'सज्जन पुरुष', 'प्राण-घातक हत्या' – एक शब्द हटाएँ।
उत्तर: (D) हम तो अवश्य जाएँगे।
SSC GDHindiRedundancySSC GD 2025 · 19 Feb Shift 2
Q208.निम्न में से ‘यमुना’ का पर्याय है-
- Aसूर्यसुता
- Bदेवनदी
- Cजन्मकलया
- Dउदक
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अवधारणा: ‘सुता’ = पुत्री; सूर्य की पुत्री होने से यमुना को ‘सूर्यसुता’ कहते हैं।
- सूर्यसुता = यमुना — यही पर्याय है।
- देवनदी = गंगा; उदक = जल; ‘जन्मकलया’ कोई प्रचलित शब्द नहीं।
- ध्यान दें: ‘सूर्यसुत’ (पुत्र) से कर्ण, शनि, सुग्रीव का बोध होता है।
याद रखें: यमुना के पर्याय: सूर्यसुता, रविजा, कालिंदी, अर्कजा, तरणिजा।
उत्तर: (A) सूर्यसुता
SSC GDHindiSynonymSSC GD 2025 · 19 Feb Shift 2
Q209.निम्नलिखित में से ‘देशज’ शब्द-युक्त विकल्प चुनकर वाक्य पूर्ण करें-
एक सुंदर चिड़िया इस पेड़ की ____।
- Aफुनगी पर बैठी है
- Bडाली पर बैठी है
- Cटहनी पर बैठी है
- Dशाखा पर बैठी है
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अवधारणा: शब्द-स्रोत के आधार पर तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी भेद होते हैं।
- फुनगी = वृक्ष की चोटी का कोमल सिरा; यह ठेठ लोक-शब्द (देशज) है।
- शाखा – तत्सम; डाली, टहनी – तद्भव/सामान्य प्रचलित शब्द।
ट्रिक: अर्थ एक-सा हो तो उत्पत्ति देखें – संस्कृत जैसा शब्द तत्सम, ठेठ गँवई शब्द देशज।
उत्तर: (A) फुनगी पर बैठी है
SSC GDHindiDeshaj wordsSSC GD 2025 · 19 Feb Shift 2
Q210.‘ज्योत्सना’ पर्याय है-
- Aचमक का
- Bसीता का
- Cबिजली का
- Dचाँदनी का
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अवधारणा: ज्योत्स्ना = चंद्रमा का प्रकाश।
- ज्योत्स्ना → चाँदनी; अन्य पर्याय: चंद्रिका, कौमुदी।
- चमक – सामान्य आभा; बिजली – तड़ित, विद्युत; सीता – जानकी।
याद रखें: चाँदनी के पर्याय याद करें: ज्योत्स्ना, चंद्रिका, कौमुदी, चंद्रातप।
उत्तर: (D) चाँदनी का
SSC GDHindiSynonymSSC GD 2025 · 19 Feb Shift 2
Q211.‘जो अपनी हत्या स्वयं करे’ वाक्यांश के लिए उपयुक्त शब्द होगा-
- Aहत्यारा
- Bआत्मोत्सर्ग
- Cरक्तपिपासु
- Dआत्मघाती
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अवधारणा: आत्म (स्वयं) + घाती (नाश करने वाला) = आत्मघाती।
- आत्मघाती = जो स्वयं अपने प्राण ले।
- हत्यारा – अन्य का वध करने वाला; रक्तपिपासु – रक्त का लोभी; आत्मोत्सर्ग – त्याग/बलिदान की क्रिया (व्यक्तिवाचक नहीं)।
ट्रिक: प्रश्न व्यक्ति के लिए शब्द माँगता है – 'आत्मोत्सर्ग' जैसा भाववाचक शब्द ऐसे में नहीं चलेगा।
उत्तर: (D) आत्मघाती
SSC GDHindiOne-word substitutionSSC GD 2025 · 19 Feb Shift 2
Q212.‘इस ____ में लेखक का व्यक्तित्व प्रधान है और विषय गौण है।’ उपयुक्त रिक्त स्थान के लिए कौन-सा एकार्थी शब्द प्रयुक्त किया जाएगा?
- Aप्रबंध
- Bनिबंध
- Cगद्य काव्य
- Dलेख
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अवधारणा: व्यक्तिप्रधान गद्य रचना, जिसमें विषय पीछे रहता है, निबंध कहलाती है।
- निबंध में रचनाकार की निजी सोच और शैली सबसे आगे रहती है।
- लेख – सूचना/विषय प्रधान; प्रबंध – कथासूत्र वाली लंबी रचना; गद्य काव्य – काव्यात्मक भाव प्रधान।
याद रखें: शुक्ल जी के अनुसार निबंध को 'गद्य की कसौटी' माना गया है।
उत्तर: (B) निबंध
SSC GDHindiProse genreSSC GD 2025 · 19 Feb Shift 2
Q213.‘चिकना घड़ा होना’ मुहावरे का सही अर्थ इनमें से क्या होगा?
- Aबिना पानी के रहना
- Bनिर्लज्ज होना
- Cगुस्सा करना
- Dसिर पर बाल नहीं होना
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अवधारणा: मुहावरे का लाक्षणिक अर्थ लिया जाता है, शाब्दिक नहीं।
- जैसे चिकनी सतह से पानी फिसल जाता है, वैसे ही बेशर्म पर बातों का असर नहीं होता।
- अर्थ: बेशर्म/निर्लज्ज होना, किसी बात का असर न होना।
ट्रिक: मुहावरे का शब्दशः अर्थ (पानी, बाल) देने वाले विकल्प प्रायः जाल होते हैं।
उत्तर: (B) निर्लज्ज होना
SSC GDHindiIdiomSSC GD 2025 · 19 Feb Shift 2
Q214.निम्न में से किस वाक्य में कारक-चिह्न का अशुद्ध प्रयोग हुआ है?
- Aमैंने उसे इशारा किया मगर वह बोलता ही चला गया।
- Bसैनिक के दुश्मन को देखा और गोलियाँ बरसाने लगा।
- Cआँधी ने अपना विकराल रूप धारण कर लिया।
- Dउसने देखा कि पूरा वृक्ष बाढ़ में डूबा है।
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अवधारणा: Past tense की सकर्मक क्रिया हो तो कर्ता के बाद 'ने' चिह्न आता है।
- (b) में 'सैनिक के' – संबंध कारक चिह्न ग़लत लगा है।
- 'के' हटाकर कर्ता-चिह्न 'ने' लगाना होगा।
- मैंने, आँधी ने, उसने, बाढ़ में – बाकी वाक्यों में प्रयोग ठीक।
ट्रिक: 'देखा', 'किया', 'लिया' जैसी भूतकालिक सकर्मक क्रिया दिखे तो कर्ता पर 'ने' जाँचें।
उत्तर: (B) सैनिक के दुश्मन को देखा और गोलियाँ बरसाने लगा।
SSC GDHindiCase markersSSC GD 2025 · 19 Feb Shift 2
Q215.निम्नलिखित वाक्य के किस खंड में अशुद्धि है?
वृक्ष में फल लगे हैं।
- Aमें
- Bफल
- Cलगे
- Dवृक्ष
Show answer
अवधारणा: अधिकरण कारक: 'में' = भीतर, 'पर' = ऊपर/सतह पर।
- फल वृक्ष के अंदर नहीं, उसकी शाखाओं पर लगते हैं।
- अतः 'में' की जगह 'पर' आएगा।
ट्रिक: किसी सतह से टिकी/लटकी चीज़ के लिए 'पर'; भीतर रखी चीज़ के लिए 'में'।
उत्तर: (A) में
SSC GDHindiCase markersSSC GD 2025 · 19 Feb Shift 2
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भक्ति-काव्य के अंतर्गत उपालंभ काव्य का प्रमुख आधार __(76)__ का मथुरा प्रवास है। कृष्ण __(77)__ छोड़कर मथुरा जाते हैं। गोप-गोपियाँ, नंद, यशोदा, ग्वाल-बाल सभी उनके __(78)__ में व्यथित हो जाते हैं। कृष्ण के वापस आने की __(79)__ जब धीरे-धीरे नष्ट हो जाती है तब उनकी आकुलता अधिक बढ़ जाती है। अंततः गोपियों की वियोग-वेदना उपालंभ के रूप में __(80)__ होती है।
Q216.रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aकृष्ण
- Bशिव
- Cराम
- Dनारद
Show answer
अवधारणा: संदर्भ से रिक्त स्थान भरें।
- दूसरे वाक्य में स्वयं नाम आता है कि मथुरा कौन गया – कृष्ण।
- उपालंभ = उलाहना; गोपियों का यह उलाहना श्रीकृष्ण के प्रति है। शिव, राम, नारद का यहाँ प्रसंग नहीं।
याद रखें: सूरदास का 'भ्रमरगीत' उपालंभ काव्य का सबसे प्रसिद्ध उदाहरण है।
उत्तर: (A) कृष्ण
SSC GDHindiClozeSSC GD 2025 · 19 Feb Shift 2
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भक्ति-काव्य के अंतर्गत उपालंभ काव्य का प्रमुख आधार __(76)__ का मथुरा प्रवास है। कृष्ण __(77)__ छोड़कर मथुरा जाते हैं। गोप-गोपियाँ, नंद, यशोदा, ग्वाल-बाल सभी उनके __(78)__ में व्यथित हो जाते हैं। कृष्ण के वापस आने की __(79)__ जब धीरे-धीरे नष्ट हो जाती है तब उनकी आकुलता अधिक बढ़ जाती है। अंततः गोपियों की वियोग-वेदना उपालंभ के रूप में __(80)__ होती है।
Q217.रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aद्वारिका
- Bकाशी
- Cगोकुल
- Dअयोध्या
Show answer
अवधारणा: कृष्ण का बचपन जहाँ बीता, वही स्थान वे छोड़ते हैं।
- नंद, यशोदा, गोप-गोपियाँ, ग्वाल-बाल – सब गोकुल से जुड़े हैं।
- द्वारिका मथुरा के बाद बसी; काशी, अयोध्या का प्रसंग से संबंध नहीं।
याद रखें: अक्रूर ही कृष्ण-बलराम को गोकुल से मथुरा ले गए थे।
उत्तर: (C) गोकुल
SSC GDHindiClozeSSC GD 2025 · 19 Feb Shift 2
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भक्ति-काव्य के अंतर्गत उपालंभ काव्य का प्रमुख आधार __(76)__ का मथुरा प्रवास है। कृष्ण __(77)__ छोड़कर मथुरा जाते हैं। गोप-गोपियाँ, नंद, यशोदा, ग्वाल-बाल सभी उनके __(78)__ में व्यथित हो जाते हैं। कृष्ण के वापस आने की __(79)__ जब धीरे-धीरे नष्ट हो जाती है तब उनकी आकुलता अधिक बढ़ जाती है। अंततः गोपियों की वियोग-वेदना उपालंभ के रूप में __(80)__ होती है।
Q218.रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aसंयोग
- Bअनुपस्थिति
- Cअभाव
- Dवियोग
Show answer
अवधारणा: प्रिय से बिछड़ने की पीड़ा = वियोग (विरह)।
- गद्यांश के अंत में 'वियोग-वेदना' शब्द इसकी पुष्टि करता है।
- संयोग – मिलन, अर्थ उल्टा; अनुपस्थिति, अभाव – भावनात्मक पीड़ा नहीं दर्शाते।
याद रखें: शृंगार रस के दो भेद: संयोग शृंगार और वियोग (विप्रलंभ) शृंगार।
उत्तर: (D) वियोग
SSC GDHindiClozeSSC GD 2025 · 19 Feb Shift 2
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भक्ति-काव्य के अंतर्गत उपालंभ काव्य का प्रमुख आधार __(76)__ का मथुरा प्रवास है। कृष्ण __(77)__ छोड़कर मथुरा जाते हैं। गोप-गोपियाँ, नंद, यशोदा, ग्वाल-बाल सभी उनके __(78)__ में व्यथित हो जाते हैं। कृष्ण के वापस आने की __(79)__ जब धीरे-धीरे नष्ट हो जाती है तब उनकी आकुलता अधिक बढ़ जाती है। अंततः गोपियों की वियोग-वेदना उपालंभ के रूप में __(80)__ होती है।
Q219.रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aइच्छा
- Bआशा
- Cआकांक्षा
- Dनिराशा
Show answer
अवधारणा: जो भाव 'नष्ट' होने पर बेचैनी बढ़े, वह लौटने की उम्मीद है।
- कृष्ण के लौटने की आशा धीरे-धीरे टूटी → व्याकुलता बढ़ी।
- निराशा के नष्ट होने से बेचैनी घटती – अर्थ उल्टा; इच्छा, आकांक्षा में प्रतीक्षा का भाव नहीं।
ट्रिक: विकल्प रखकर पूरा वाक्य पढ़ें; अर्थ का तर्क (आशा टूटी → दुख बढ़ा) मिलना चाहिए।
उत्तर: (B) आशा
SSC GDHindiClozeSSC GD 2025 · 19 Feb Shift 2
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भक्ति-काव्य के अंतर्गत उपालंभ काव्य का प्रमुख आधार __(76)__ का मथुरा प्रवास है। कृष्ण __(77)__ छोड़कर मथुरा जाते हैं। गोप-गोपियाँ, नंद, यशोदा, ग्वाल-बाल सभी उनके __(78)__ में व्यथित हो जाते हैं। कृष्ण के वापस आने की __(79)__ जब धीरे-धीरे नष्ट हो जाती है तब उनकी आकुलता अधिक बढ़ जाती है। अंततः गोपियों की वियोग-वेदना उपालंभ के रूप में __(80)__ होती है।
Q220.रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aप्रस्तुत
- Bव्यक्त
- Cअनुमोदित
- Dअनुभव
Show answer
अवधारणा: भीतर की भावना का बाहर प्रकट होना = व्यक्त होना।
- वेदना उलाहने के रूप में प्रकट होती है → 'व्यक्त होती है'।
- प्रस्तुत – सोच-समझकर सामने रखना; अनुमोदित – स्वीकृत; 'अनुभव होती है' व्याकरण से अशुद्ध।
ट्रिक: भाव, विचार, दुख, प्रसन्नता के साथ 'व्यक्त करना/होना' स्वाभाविक जोड़ी है।
उत्तर: (B) व्यक्त
SSC GDHindiClozeSSC GD 2025 · 19 Feb Shift 2