Q3781.‘मैं बीमार हूँ, इसलिए कार्यालय नहीं जा सकता।’ निम्नलिखित विकल्पों में से इस वाक्य के लिए कौन-सा एक उचित सरल वाक्य होगा?
- Aमैं कार्यालय नहीं जा सका बीमारी के कारण।
- Bबीमार होने के कारण मैं कार्यालय नहीं जा सका।
- Cमैं बीमार था इसलिए कार्यालय नहीं जा सका।
- Dमैं नहीं जा सका बीमारी होने के कारण।
Show answer
अवधारणा: सरल वाक्य में केवल एक मुख्य क्रिया (एक विधेय) होती है।
हल:
- (b) 'बीमार होने के कारण' कारण बताने वाला अंश है, अलग उपवाक्य नहीं; क्रिया एक – 'नहीं जा सका'।
- (c) में 'इसलिए' से दो उपवाक्य जुड़े हैं → संयुक्त वाक्य।
- (a), (d): 'के कारण' वाला भाग वाक्य के अंत में खिसका है, जो हिंदी पदक्रम के अनुरूप नहीं।
ट्रिक: 'इसलिए/और/परंतु' दिखे तो संयुक्त; 'के कारण/होकर' जैसा अंश हो तो सरल।
उत्तर: (B) बीमार होने के कारण मैं कार्यालय नहीं जा सका।
SSC GDHindiSimple sentence conversionSSC GD 2025 · 5 Feb Shift 2
Q3782.वाक्य के रेखांकित शब्दों के आधार पर बताइए कि किस विकल्प में स्त्रीलिंग शब्द का प्रयोग नहीं हुआ है-
- Aपुराने पीपल के पेड़ पर चुड़ैल रहती है यह अच्छा मजाक है।
- Bराजा-रजवाड़े चाँदी के बर्तनों में खाना खाते थे।
- Cमेरी मौसी की माला टूट गई।
- Dनदी की धारा बहती है।
Show answer
अवधारणा: संज्ञा का लिंग उससे जुड़े विशेषण/क्रिया के रूप से पहचानें।
हल:
- (a) 'चुड़ैल' स्त्रीलिंग है – 'चुड़ैल रहती है'।
- (b) 'राजा-रजवाड़े' और 'बर्तनों' दोनों पुल्लिंग हैं – 'खाते थे', 'बर्तन टूटा'।
- (c) 'मौसी', 'माला' तथा (d) 'नदी', 'धारा' स्त्रीलिंग हैं – 'माला टूट गई', 'धारा बहती है'।
- अतः केवल (b) के रेखांकित शब्दों में स्त्रीलिंग शब्द नहीं है।
याद रखें: क्रिया का रूप देखें – 'रहती/बहती/गई' स्त्रीलिंग, 'खाते थे' पुल्लिंग।
उत्तर: (B) राजा-रजवाड़े चाँदी के बर्तनों में खाना खाते थे।
SSC GDHindiGender – masculine vs feminine nounsSSC GD 2025 · 5 Feb Shift 2
Q3783.‘माली ने पौधों को पानी देने से मना कर दिया।’ सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर वाक्य के रेखांकित अंश को बदलें-
- Aसींचने
- Bपानी गिराने
- Cपानी उड़ेलने
- Dभिगोने
Show answer
अवधारणा: पौधों को पानी देने की क्रिया को 'सींचना' कहते हैं।
हल:
- 'पानी देने' की जगह 'सींचने' रखने से वाक्य शुद्ध और सटीक बनता है।
- पानी गिराना = पानी नष्ट होना; उड़ेलना = एकदम से ढेर पानी डालना; भिगोना = केवल गीला करना।
याद रखें: सींचना → सिंचाई; खेत/पौधों के लिए यही शब्द।
उत्तर: (A) सींचने
SSC GDHindiOne word for a phrase – सींचनाSSC GD 2025 · 5 Feb Shift 2
Q3784.दिए गए वाक्य में त्रुटि पहचानें। दूध में थोड़ा पड़ गया है।
- Aथोड़ा
- Bदूध
- Cपड़
- Dगया
Show answer
अवधारणा: 'थोड़ा' विशेषण है, इसे संज्ञा चाहिए; अज्ञात वस्तु के लिए अनिश्चयवाचक सर्वनाम 'कुछ' आता है।
हल:
- वाक्य में यह नहीं बताया कि क्या गिरा – अतः 'कुछ' चाहिए।
- शुद्ध: दूध में कुछ पड़ गया है।
- दूध, पड़, गया – तीनों सही।
ट्रिक: वस्तु अज्ञात हो → 'कुछ'; मात्रा बतानी हो (थोड़ा नमक) → 'थोड़ा' + संज्ञा।
उत्तर: (A) थोड़ा
SSC GDHindiError spotting – थोड़ा vs कुछSSC GD 2025 · 5 Feb Shift 2
Q3785.‘अपने को धोखा देने वाला’ वाक्यांश के लिए इनमें से उपयुक्त शब्द कौन-सा है?
- Aआत्मश्लाघा
- Bआत्मवंचक
- Cआत्मपीड़क
- Dआत्मवादी
Show answer
अवधारणा: वंचना = छल/धोखा; आत्म + वंचक = स्वयं को छलने वाला।
हल:
- आत्मश्लाघा = अपनी बड़ाई (संज्ञा)।
- आत्मपीड़क = खुद को कष्ट देने वाला।
- आत्मवादी = आत्म-तत्व को मानने वाला (दार्शनिक मत)।
याद रखें: 'वंचित' (जिसे कुछ न मिला) और 'वंचक' (ठगने वाला) एक ही मूल से हैं।
उत्तर: (B) आत्मवंचक
SSC GDHindiOne word substitution – आत्मवंचकSSC GD 2025 · 5 Feb Shift 2
Q3786.ईश्वर में विश्वास न रखने वालों को समाज नास्तिक कहता है। वाक्य में प्रयुक्त नास्तिक का विलोमार्थी शब्द है-
- Aआस्तिक
- Bअनासक्त
- Cविश्वासपात्र
- Dनास्तिक
Show answer
अवधारणा: नास्तिक (न + अस्ति) = ईश्वर को न मानने वाला; विलोम = आस्तिक।
हल:
- आस्तिक = ईश्वर के अस्तित्व में आस्था रखने वाला।
- अनासक्त का विलोम आसक्त; विश्वासपात्र का विलोम विश्वासघाती।
- (d) वही शब्द दोहराया गया है – अपना विलोम नहीं हो सकता।
ट्रिक: 'न' उपसर्ग हटाओ – सीधा विलोम मिल जाता है: नास्तिक → आस्तिक।
उत्तर: (A) आस्तिक
SSC GDHindiAntonym – नास्तिकSSC GD 2025 · 5 Feb Shift 2
Q3787.‘अपने स्थान पर अचल रहने वाला’ वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द इनमें से कौन-सा है?
- Aबुध
- Bध्रुव
- Cमंगल
- Dशुक्र
Show answer
अवधारणा: जो अपनी जगह से कभी न हटे = ध्रुव (अटल, स्थिर)।
हल:
- ध्रुव तारा अपनी जगह स्थिर दिखता है, इसीलिए 'अटल' के लिए ध्रुव शब्द प्रचलित है।
- बुध, मंगल, शुक्र ग्रह हैं – ये सूर्य की परिक्रमा करते हैं, अचल नहीं।
याद रखें: 'ध्रुव सत्य' = अटल सत्य – यही भाव।
उत्तर: (B) ध्रुव
SSC GDHindiOne word substitution – ध्रुवSSC GD 2025 · 5 Feb Shift 2
Q3788.निम्नलिखित वाक्य को ध्यानपूर्वक पढ़ें और वाक्य में प्रयुक्त त्रुटिपूर्ण शब्द की पहचान करें। कहानी हमारे व्यक्तित्व को एक दर्पण की भांति हमारे सामने प्रेशित करती है।
- Aप्रेशित
- Bदर्पण
- Cकहानी
- Dव्यक्तित्व
Show answer
अवधारणा: 'प्रेषित' (भेजा हुआ) में मूर्धन्य 'ष' आता है।
हल:
- प्रेशित ✗ → प्रेषित ✓ (प्रेषण, प्रेषक भी 'ष' से)।
- दर्पण, कहानी, व्यक्तित्व – शुद्ध वर्तनी।
याद रखें: 'प्र' उपसर्ग + 'इष्' धातु से बने शब्दों में 'ष' आता है: प्रेषित, प्रेषक।
उत्तर: (A) प्रेशित
SSC GDHindiSpelling – प्रेषितSSC GD 2025 · 5 Feb Shift 2
Q3789.निम्नलिखित वाक्य में वर्तनी संबंधी त्रुटि की पहचान कर शुद्ध वाक्य का चयन करें-गर्मियों में हम शिमला घुमने जाएंगे।
- Aगर्मी में हम शिमला घुमने जाएंगे।
- Bगर्मी में हम शिमला घूमने जाएंगे।
- Cगर्मियों में हम शिमला पर घूमने जाएंगे।
- Dगर्मियों में हम शिमला घूमने जाएंगे।
Show answer
अवधारणा: 'घूमना' में दीर्घ 'ऊ' की मात्रा होती है।
हल:
- घुमने ✗ → घूमने ✓।
- (a) में गलती बनी रही; (b) में 'गर्मियों' अनावश्यक बदला; (c) में 'शिमला पर' गलत परसर्ग।
- केवल (d) में बस वर्तनी सुधरी है।
याद रखें: घूमना (स्वयं घूमना, दीर्घ ऊ) बनाम घुमाना (दूसरे को, ह्रस्व उ)।
उत्तर: (D) गर्मियों में हम शिमला घूमने जाएंगे।
SSC GDHindiSpelling – घूमनाSSC GD 2025 · 5 Feb Shift 2
Q3790.कौन-सा शब्द ‘वसंत’ का विलोम है?
- Aमुखर
- Bपतझरा
- Cसाकार
- Dपुरस्कार
Show answer
अवधारणा: वसंत = नई पत्तियों-फूलों की ऋतु; विलोम = पतझड़ (पतझर)।
हल:
- पतझर में पेड़ों से पत्ते गिरते हैं – वसंत के ठीक उलट।
- मुखर ↔ मौन; साकार ↔ निराकार; पुरस्कार ↔ दंड।
ट्रिक: विकल्पों के अपने-अपने विलोम सोचें – जो जोड़ा वसंत से बने वही उत्तर।
उत्तर: (B) पतझरा
SSC GDHindiAntonym – वसंतSSC GD 2025 · 5 Feb Shift 2
Q3791.‘समतल’ के लिए उपयुक्त विलोम शब्द है-
- Aढाल
- Bसीधा
- Cसमान
- Dधरती
Show answer
अवधारणा: समतल = बराबर, बिना ऊँचाई-निचाई की सतह; विलोम = ढाल (झुकी सतह)।
हल:
- 'सीधा' और 'समान' समतल के समानार्थी जैसे हैं, विलोम नहीं।
- 'धरती' केवल भूमि का नाम – कोई उलटा भाव नहीं।
ट्रिक: समानार्थी दिखने वाले विकल्प पहले हटा दें।
उत्तर: (A) ढाल
SSC GDHindiAntonym – समतलSSC GD 2025 · 5 Feb Shift 2
Q3792.‘मेरी किताब मेरी मित्र प्रिया के पास है।’ वाक्य में प्रयुक्त कौन-सा शब्द विदेशज है?
- Aप्रिया
- Bमित्र
- Cपास
- Dकिताब
Show answer
अवधारणा: विदेशज = दूसरे देशों की भाषाओं (जैसे अरबी, पुर्तगाली, अंग्रेज़ी) से हिंदी में आए शब्द।
हल:
- किताब – अरबी मूल का शब्द → विदेशज।
- प्रिया, मित्र – तत्सम, मूल संस्कृत रूप में ही प्रयुक्त।
- पास – 'पार्श्व' से बना तद्भव।
याद रखें: अरबी से आए आम शब्द: किताब, कलम, अदालत, कानून।
उत्तर: (D) किताब
SSC GDHindiWord origin – विदेशजSSC GD 2025 · 5 Feb Shift 2
Q3793.निम्नांकित मुहावरे के रिक्त स्थान के लिए सर्वाधिक उपयुक्त शब्द कौन-सा है? अपनी खिचड़ी अलग ____।
- Aपीना
- Bखाना
- Cबनाना
- Dपकाना
Show answer
अवधारणा: मुहावरे के शब्द निश्चित होते हैं; यहाँ सही रूप है 'अपनी खिचड़ी अलग पकाना'।
हल:
- अर्थ: सबसे अलग रहकर अपने ढंग से काम करना।
- 'खाना/बनाना/पीना' रखें तो मुहावरा टूट जाता है, साधारण वाक्य रह जाता है।
- उदाहरण: टीम में रहकर भी वह अपनी खिचड़ी अलग पकाता है।
ट्रिक: खिचड़ी 'पकती' है – यही क्रिया मुहावरे में भी।
उत्तर: (D) पकाना
SSC GDHindiIdiom – अपनी खिचड़ी अलग पकानाSSC GD 2025 · 5 Feb Shift 2
Q3794.‘परलोक’ का विलोम शब्द है-
- Aपारलौकिक
- Bइहलोक
- Cसांसारिक
- Dअलौकिक
Show answer
अवधारणा: परलोक = मृत्यु के बाद का लोक; विलोम = इहलोक (इह = यहाँ)।
हल:
- पारलौकिक = परलोक से जुड़ा – विशेषण रूप, विलोम नहीं।
- सांसारिक ↔ आध्यात्मिक; अलौकिक ↔ लौकिक।
ट्रिक: पर ↔ इह: परलोक ↔ इहलोक, पारलौकिक ↔ ऐहिक।
उत्तर: (B) इहलोक
SSC GDHindiAntonym – परलोकSSC GD 2025 · 5 Feb Shift 2
Q3795.‘मुझे आये इतनी देर हो गयी, अब तक ____।’ उपर्युक्त वाक्य पूर्ण करने के लिए उचित सार्थक और निरर्थक शब्द-युग्म वाले विकल्प का चयन करें-
- Aकिसी ने पानी-शरबत भी नहीं दिया।
- Bकिसी ने चाय-बिस्कुट तक नहीं मिला।
- Cकिसी ने चाय-वाय भी नहीं पूछा।
- Dकिसी ने दाना-पानी भी नहीं पूछा।
Show answer
अवधारणा: ऐसे जोड़े में पहला शब्द अर्थ वाला और दूसरा बेमानी ध्वनि होता है, जो 'वगैरह' का भाव देता है।
हल:
- चाय-वाय: 'चाय' सार्थक, 'वाय' निरर्थक ✓।
- पानी-शरबत, चाय-बिस्कुट, दाना-पानी – दोनों शब्द सार्थक।
- (b) में 'किसी ने … नहीं मिला' रचना भी अशुद्ध।
ट्रिक: दूसरे शब्द का अर्थ न निकले (वाय, वाला-वूला, रोटी-ओटी) तो वह निरर्थक है।
उत्तर: (C) किसी ने चाय-वाय भी नहीं पूछा।
SSC GDHindiWord pairs – meaningful + meaninglessSSC GD 2025 · 5 Feb Shift 2
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
हमारा यह ...(76) नीरस नहीं है उसके ज्ञान-विज्ञान का ...(76) विशाल है। उसके खोजों और भावावेग से प्रेरणा का समुद्र लहरा रहा है। यह हमारा परम सौभाग्य है कि जड़ तत्वों के इतने ...(77) हमारी साधना के लिए देश के ...(77) में बिखरे पड़े हैं। अन्य किसी भी देश को शायद ही इतनी परिपूर्ण साधन-सामग्री प्राप्त हो। यदि हम ...(78) के साथ इस संपूर्ण सामग्री का उपयोग ...(78) के लिए करें, तभी कल्याण है। केवल इन सामग्रियों को लक्ष्य मान लेना गलती है। इनके ...(79) से सिद्ध नहीं मिलेगी, यद्यपि इनकी सूक्ष्म और ...(79) जानकारी परम आवश्यक है। प्राचीनता का अध्ययन ...(80) है। उसमें पग-पग पर सावधानी की आवश्यकता है, प्रतिक्षण अपने लक्ष्य को याद रखने की आवश्यकता है और सदैव-सदैव कठोर ...(80) साहस की होना जरूरी है।
Q3796.रिक्त स्थान के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aविश्व/नाटक
- Bदेश/इतिहास
- Cभारत/अकारण
- Dनियति/दशा
Show answer
अवधारणा: रिक्त स्थान के शब्द लिंग और अर्थ दोनों में वाक्य से मेल खाने चाहिए।
हल:
- 'हमारा यह ___' → पुल्लिंग संज्ञा 'देश'।
- 'ज्ञान-विज्ञान का ___ विशाल है' → 'इतिहास'।
- 'अकारण' अव्यय है; 'दशा' स्त्रीलिंग – 'का … विशाल है' से मेल नहीं।
ट्रिक: 'का/के/की' देखकर रिक्त शब्द का लिंग तुरंत तय करें।
उत्तर: (B) देश/इतिहास
SSC GDHindiPassage fill-in – देश/इतिहासSSC GD 2025 · 5 Feb Shift 2
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
हमारा यह ...(76) नीरस नहीं है उसके ज्ञान-विज्ञान का ...(76) विशाल है। उसके खोजों और भावावेग से प्रेरणा का समुद्र लहरा रहा है। यह हमारा परम सौभाग्य है कि जड़ तत्वों के इतने ...(77) हमारी साधना के लिए देश के ...(77) में बिखरे पड़े हैं। अन्य किसी भी देश को शायद ही इतनी परिपूर्ण साधन-सामग्री प्राप्त हो। यदि हम ...(78) के साथ इस संपूर्ण सामग्री का उपयोग ...(78) के लिए करें, तभी कल्याण है। केवल इन सामग्रियों को लक्ष्य मान लेना गलती है। इनके ...(79) से सिद्ध नहीं मिलेगी, यद्यपि इनकी सूक्ष्म और ...(79) जानकारी परम आवश्यक है। प्राचीनता का अध्ययन ...(80) है। उसमें पग-पग पर सावधानी की आवश्यकता है, प्रतिक्षण अपने लक्ष्य को याद रखने की आवश्यकता है और सदैव-सदैव कठोर ...(80) साहस की होना जरूरी है।
Q3797.रिक्त स्थान के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aउम्मीद/स्वास्थ्य
- Bपरिपूर्णसंचार/कोने-कोने
- Cदूर/आसपास
- Dआलोचना/सम्मान
Show answer
अवधारणा: 'देश के ___ में बिखरे पड़े हैं' – हर जगह का भाव देने वाला शब्द चाहिए।
हल:
- 'कोने-कोने' = हर भाग में – सटीक पुनरुक्त शब्द।
- पहला रिक्त 'इतने ___' में संचित भंडार का भाव → 'परिपूर्णसंचार'।
- 'आसपास' अर्थ को देश से बाहर ले जाता है; बाकी जोड़े प्रसंग से बाहर।
ट्रिक: 'बिखरे पड़े हैं' के साथ 'कोने-कोने में' स्वाभाविक जोड़ है।
उत्तर: (B) परिपूर्णसंचार/कोने-कोने
SSC GDHindiPassage fill-in – कोने-कोनेSSC GD 2025 · 5 Feb Shift 2
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
हमारा यह ...(76) नीरस नहीं है उसके ज्ञान-विज्ञान का ...(76) विशाल है। उसके खोजों और भावावेग से प्रेरणा का समुद्र लहरा रहा है। यह हमारा परम सौभाग्य है कि जड़ तत्वों के इतने ...(77) हमारी साधना के लिए देश के ...(77) में बिखरे पड़े हैं। अन्य किसी भी देश को शायद ही इतनी परिपूर्ण साधन-सामग्री प्राप्त हो। यदि हम ...(78) के साथ इस संपूर्ण सामग्री का उपयोग ...(78) के लिए करें, तभी कल्याण है। केवल इन सामग्रियों को लक्ष्य मान लेना गलती है। इनके ...(79) से सिद्ध नहीं मिलेगी, यद्यपि इनकी सूक्ष्म और ...(79) जानकारी परम आवश्यक है। प्राचीनता का अध्ययन ...(80) है। उसमें पग-पग पर सावधानी की आवश्यकता है, प्रतिक्षण अपने लक्ष्य को याद रखने की आवश्यकता है और सदैव-सदैव कठोर ...(80) साहस की होना जरूरी है।
Q3798.रिक्त स्थान के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aकरुणा/दया
- Bनिष्ठा और प्रेम/भविष्य-निर्माण
- Cश्रद्धा और भक्ति/प्रेम
- Dअसहज/संकुचित
Show answer
अवधारणा: पहले रिक्त में मनोभाव, दूसरे में उद्देश्य वाला शब्द चाहिए।
हल:
- मनोभाव: निष्ठा व प्रेम – उचित।
- '___ के लिए करें' में लक्ष्य चाहिए → 'भविष्य-निर्माण'।
- (c) में 'प्रेम के लिए उपयोग' अर्थहीन; (a), (d) प्रसंग से मेल नहीं।
ट्रिक: दूसरा शब्द 'उद्देश्य' बताने वाला होना चाहिए – केवल 'भविष्य-निर्माण' ऐसा है।
उत्तर: (B) निष्ठा और प्रेम/भविष्य-निर्माण
SSC GDHindiPassage fill-in – निष्ठा/भविष्य-निर्माणSSC GD 2025 · 5 Feb Shift 2
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
हमारा यह ...(76) नीरस नहीं है उसके ज्ञान-विज्ञान का ...(76) विशाल है। उसके खोजों और भावावेग से प्रेरणा का समुद्र लहरा रहा है। यह हमारा परम सौभाग्य है कि जड़ तत्वों के इतने ...(77) हमारी साधना के लिए देश के ...(77) में बिखरे पड़े हैं। अन्य किसी भी देश को शायद ही इतनी परिपूर्ण साधन-सामग्री प्राप्त हो। यदि हम ...(78) के साथ इस संपूर्ण सामग्री का उपयोग ...(78) के लिए करें, तभी कल्याण है। केवल इन सामग्रियों को लक्ष्य मान लेना गलती है। इनके ...(79) से सिद्ध नहीं मिलेगी, यद्यपि इनकी सूक्ष्म और ...(79) जानकारी परम आवश्यक है। प्राचीनता का अध्ययन ...(80) है। उसमें पग-पग पर सावधानी की आवश्यकता है, प्रतिक्षण अपने लक्ष्य को याद रखने की आवश्यकता है और सदैव-सदैव कठोर ...(80) साहस की होना जरूरी है।
Q3799.रिक्त स्थान के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aयहाँ/जहाँ
- Bजैसा/निराला
- Cकृपा/प्रतिभामान
- Dज्ञान-मात्र/ठीक-ठीक
Show answer
अवधारणा: पहला रिक्त 'केवल जानकारी' की सीमा बताए; दूसरा 'सूक्ष्म और ___ जानकारी' में विशेषण हो।
हल:
- 'ज्ञान-मात्र से सिद्धि नहीं मिलेगी' – 'मात्र' = केवल।
- 'सूक्ष्म और ठीक-ठीक जानकारी' – सही-सही, यथार्थ।
- अन्य जोड़े वाक्य-रचना या भाव में नहीं बैठते।
ट्रिक: 'यद्यपि' विरोध दिखाता है: केवल ज्ञान काफ़ी नहीं, फिर भी सही ज्ञान ज़रूरी।
उत्तर: (D) ज्ञान-मात्र/ठीक-ठीक
SSC GDHindiPassage fill-in – ज्ञान-मात्र/ठीक-ठीकSSC GD 2025 · 5 Feb Shift 2
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
हमारा यह ...(76) नीरस नहीं है उसके ज्ञान-विज्ञान का ...(76) विशाल है। उसके खोजों और भावावेग से प्रेरणा का समुद्र लहरा रहा है। यह हमारा परम सौभाग्य है कि जड़ तत्वों के इतने ...(77) हमारी साधना के लिए देश के ...(77) में बिखरे पड़े हैं। अन्य किसी भी देश को शायद ही इतनी परिपूर्ण साधन-सामग्री प्राप्त हो। यदि हम ...(78) के साथ इस संपूर्ण सामग्री का उपयोग ...(78) के लिए करें, तभी कल्याण है। केवल इन सामग्रियों को लक्ष्य मान लेना गलती है। इनके ...(79) से सिद्ध नहीं मिलेगी, यद्यपि इनकी सूक्ष्म और ...(79) जानकारी परम आवश्यक है। प्राचीनता का अध्ययन ...(80) है। उसमें पग-पग पर सावधानी की आवश्यकता है, प्रतिक्षण अपने लक्ष्य को याद रखने की आवश्यकता है और सदैव-सदैव कठोर ...(80) साहस की होना जरूरी है।
Q3800.रिक्त स्थान के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aकिसने/महान
- Bउत्तम शत-साधना/संयम और अपार
- Cप्रकाशवान/सरल
- Dउम्मीद की किरण/जागरता
Show answer
अवधारणा: प्राचीनता का अध्ययन कठिन तप जैसा है – सावधानी व संयम चाहिए।
हल:
- 'प्राचीनता का अध्ययन ___ है' → 'उत्तम शत-साधना'।
- 'कठोर ___ साहस की' → 'कठोर संयम और अपार साहस'।
- 'किसने', 'सरल', 'जागरता' अर्थ या व्याकरण में नहीं बैठते।
ट्रिक: आगे के वाक्य (पग-पग पर सावधानी) से ही रिक्त का भाव मिल जाता है।
उत्तर: (B) उत्तम शत-साधना/संयम और अपार
SSC GDHindiPassage fill-in – साधना/संयमSSC GD 2025 · 5 Feb Shift 2