Q501.‘छेड़ना’ शब्द का निम्न में से किस वाक्य में सही प्रयोग नहीं हुआ है?
- Aउसने ऐसी बात कहकर मेरे दिल को छेड़ दिया।
- Bउसने सितार के तार छेड़ दिए।
- Cतुमने तो मेरे पुराने घाव छेड़ दिए।
- Dदाहिना ने युद्ध छेड़ दिया।
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अवधारणा: ‘छेड़ना’ का प्रयोग तंग करना, हलचल पैदा करना (तार छेड़ना) या कोई काम/प्रसंग आरंभ करना (युद्ध छेड़ना, बात छेड़ना) के अर्थ में होता है।
हल:
- विकल्प B, C, D के प्रयोग (सितार के तार, पुराने ज़ख्म, युद्ध) सामान्य और स्वीकृत हैं।
- कड़वी बात से मन आहत हो तो ‘दिल दुखाना’ या ‘दिल को ठेस लगना’ कहते हैं; ‘दिल को छेड़ दिया’ यहाँ उपयुक्त नहीं।
ट्रिक: हर विकल्प में ‘छेड़ना’ की जगह उसका अर्थ (आरंभ करना/हलचल करना) रखकर पढ़ें — जहाँ अर्थ न बैठे, वही गलत प्रयोग।
उत्तर: (A) उसने ऐसी बात कहकर मेरे दिल को छेड़ दिया।
SSC GDHindiWord usage – chhednaSSC GD 2025 · 11 Feb Shift 2
Q502.‘गला छुड़ाना’ मुहावरे का सही अर्थ इनमें से क्या होगा?
- Aपीछा करना
- Bपीछे भागना
- Cपीछा छुड़ाना
- Dपीछे पड़ना
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अवधारणा: ‘गला छुड़ाना’ = किसी झंझट या व्यक्ति से छुटकारा पाना।
हल:
- वाक्य: बड़ी मुश्किल से उसने उस कर्ज़दार से गला छुड़ाया।
- ‘पीछा करना’, ‘पीछे पड़ना’ उल्टा भाव देते हैं — किसी के पीछे लगे रहना।
ट्रिक: ‘छुड़ाना’ शब्द ही संकेत है — जिस विकल्प में ‘छुड़ाना’ है, वही अर्थ से मेल खाता है।
उत्तर: (C) पीछा छुड़ाना
SSC GDHindiIdiom – gala chhudanaSSC GD 2025 · 11 Feb Shift 2
Q503.रिक्त स्थान की पूर्ति देशज शब्द से करें- उपमा के घर का फर्श बहुत ही... है।
- Aमतलब
- Bचिकना
- Cस्वर्ण
- Dउज्ज्वल
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अवधारणा: देशज शब्द स्थानीय बोलियों से बने होते हैं; इनका मूल संस्कृत या विदेशी भाषा में नहीं होता।
हल:
- ‘चिकना’ देशज शब्द है और फर्श के लिए अर्थ भी ठीक देता है।
- ‘स्वर्ण’, ‘उज्ज्वल’ तत्सम हैं; ‘मतलब’ अरबी मूल का विदेशज शब्द है।
याद रखें: अन्य देशज उदाहरण: लोटा, खिड़की, पगड़ी, ठेठ, झुग्गी।
उत्तर: (B) चिकना
SSC GDHindiWord origin – deshajSSC GD 2025 · 11 Feb Shift 2
Q504.निम्नलिखित में से स्त्रीलिंग शब्द की पहचान कीजिए-
- Aवृहस्पति
- Bझील
- Cतारा
- Dझरना
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अवधारणा: जलाशयों में ‘झील’, ‘नदी’ स्त्रीलिंग हैं, जबकि ‘झरना’, ‘सागर’ पुल्लिंग।
हल:
- ‘झील गहरी है’ — क्रिया/विशेषण स्त्रीलिंग, अतः झील स्त्रीलिंग।
- वृहस्पति, तारा, झरना — तीनों पुल्लिंग (‘तारा चमकता है’)।
ट्रिक: लिंग जाँचने को शब्द के साथ ‘अच्छा/अच्छी’ लगाकर बोलें: अच्छी झील, अच्छा झरना।
उत्तर: (B) झील
SSC GDHindiGender – feminine nounsSSC GD 2025 · 11 Feb Shift 2
Q505.निम्नलिखित वाक्य के किस खंड में अशुद्धि है? ललित ने इस रहष्य को अपने भीतर ही रखा।
- Aललित ने
- Bरहष्य
- Cभीतर
- Dरखा
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अवधारणा: ‘रहस्य’ में दंत्य ‘स’ लगता है, मूर्धन्य ‘ष’ नहीं।
हल:
- अशुद्ध खंड: ‘रहष्य’ → शुद्ध: ‘रहस्य’।
- बाकी खंड (ललित ने, भीतर, रखा) शुद्ध हैं।
ट्रिक: ‘ष्य’ प्रायः ‘ष’ वाले मूल शब्दों में आता है (मनुष्य, भविष्य); ‘रहस्’ मूल में ‘स’ है।
उत्तर: (B) रहष्य
SSC GDHindiSpelling – rahasyaSSC GD 2025 · 11 Feb Shift 2
Q506.उपयुक्त विदेशज शब्द युक्त विकल्प से वाक्य पूर्ण करें- ‘____ बेटे को तुरंत बुलाओ।’
- Aइस स्त्री के
- Bइस सुंदरि के
- Cइस महिला के
- Dइस औरत के
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अवधारणा: विदेशज शब्द अरबी, फ़ारसी, तुर्की, अंग्रेज़ी आदि विदेशी भाषाओं से हिंदी में आए हैं।
हल:
- ‘औरत’ अरबी मूल का शब्द है → विदेशज।
- ‘स्त्री’, ‘महिला’, ‘सुंदरी’ संस्कृत मूल (तत्सम) हैं; ‘सुंदरि’ वर्तनी भी अशुद्ध है।
याद रखें: अरबी से आए अन्य शब्द: किताब, अदालत, कानून, तारीख।
उत्तर: (D) इस औरत के
SSC GDHindiWord origin – videshajSSC GD 2025 · 11 Feb Shift 2
Q507.‘भगवान शिव ने भस्मासुर को भस्मिभूत कर दिया और देवताओं को अभय प्रदान किया।’ उपरोक्त वाक्य के किस भाग में वर्तनी सम्बन्धी अशुद्धि है?
- Aअभय प्रदान किया
- Bऔर देवताओं को
- Cभगवान शिव ने भस्मासुर को
- Dभस्मिभूत कर दिया
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अवधारणा: ‘च्वि’ प्रत्यय वाले शब्दों (…+ भूत/करण) में पहले शब्द का अंत दीर्घ ‘ई’ होता है।
हल:
- भस्म + ई + भूत = ‘भस्मीभूत’ (दीर्घ ई)।
- अशुद्ध: ‘भस्मिभूत’; शेष भाग शुद्ध हैं।
ट्रिक: इसी तरह: एकीकरण, स्पष्टीकरण, द्रवीभूत — सबमें दीर्घ ‘ई’।
उत्तर: (D) भस्मिभूत कर दिया
SSC GDHindiSpelling – bhasmibhootSSC GD 2025 · 11 Feb Shift 2
Q508.निम्न वाक्य में रेखांकित पद को संशोधित कीजिए। अमावस की रात बड़ी रमणीय होती है।
- Aचाँदनी
- Bबादलों
- Cकाली
- Dअंधेरी
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अवधारणा: रेखांकित पद ऐसा हो जो ‘रमणीय’ (मनोहर) से अर्थ में मेल खाए।
हल:
- अमावस की रात घोर अंधेरी होती है — उसे रमणीय कहना विरोधाभास है।
- चाँद की रोशनी वाली रात मनोहर लगती है, इसलिए ‘अमावस’ की जगह ‘चाँदनी’ रखें।
- ‘काली’, ‘अंधेरी’ से वही विरोध बना रहता है।
ट्रिक: विशेषण (रमणीय) देखकर उसके अनुकूल संज्ञा चुनें — सुंदरता का संबंध प्रकाश से है।
उत्तर: (A) चाँदनी
SSC GDHindiSentence correction – meaningSSC GD 2025 · 11 Feb Shift 2
Q509.दिए गए वाक्य में शब्द या वाक्य खंड को बदलें। किसी भी आदमी को तो भेज दो।
- Aकिसी आदमी को तो भेज हो।
- Bकिसी आदमी को ही भेज दो।
- Cकिसी आदमी को भेज दो।
- Dकिसी आदमी को तो भेज दो।
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अवधारणा: एक ही भाव के लिए दो बलसूचक निपात (भी, तो) साथ लगाना पुनरुक्ति है।
हल:
- मूल वाक्य में ‘भी’ और ‘तो’ दोनों हैं — अनावश्यक।
- दोनों हटाने पर: ‘किसी आदमी को भेज दो।’ — सरल और शुद्ध।
- (A) में ‘भेज हो’ गलत; (B), (D) में एक निपात फिर भी बचा है।
ट्रिक: सबसे छोटा, अर्थपूर्ण और व्याकरण-शुद्ध विकल्प प्रायः सही होता है।
उत्तर: (C) किसी आदमी को भेज दो।
SSC GDHindiSentence improvement – redundant particlesSSC GD 2025 · 11 Feb Shift 2
Q510.‘भयभीत’ का विलोम शब्द नीचे दिए विकल्पों में से चुनिए-
- Aमलिन
- Bनिर्बल
- Cसबल
- Dनिर्भीक
Show answer
अवधारणा: भयभीत = डरा हुआ; विलोम = जिसे डर न हो।
हल:
- निर् + भीक = ‘निर्भीक’ (निडर) → भयभीत का विलोम।
- ‘सबल–निर्बल’ और ‘मलिन–निर्मल’ आपस के जोड़े हैं, भयभीत से नहीं जुड़ते।
ट्रिक: ‘भय’ वाले शब्द का विलोम ‘निर्/अ’ उपसर्ग से: भयभीत ↔ निर्भीक/निडर।
उत्तर: (D) निर्भीक
SSC GDHindiAntonym – bhaybheetSSC GD 2025 · 11 Feb Shift 2
Q511.तलवार एक ____ का उदाहरण है। उपयुक्त एकार्थी शब्द से रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए-
- Aशस्त्र
- Bऔजार
- Cवीरता
- Dअस्त्र
Show answer
अवधारणा: हाथ में पकड़कर चलाया जाने वाला हथियार ‘शस्त्र’, फेंककर चलाया जाने वाला ‘अस्त्र’।
हल:
- तलवार हाथ में थामकर चलती है → शस्त्र।
- बाण, भाला फेंककर, मिसाइल छोड़कर → अस्त्र।
- ‘औजार’ काम का उपकरण है, ‘वीरता’ गुण है।
ट्रिक: शस्त्र = ‘स’ से साथ (हाथ में) रहता है; अस्त्र = ‘अ’लग होकर (फेंककर) वार करता है।
उत्तर: (A) शस्त्र
SSC GDHindiEkarthi shabd – shastra vs astraSSC GD 2025 · 11 Feb Shift 2
Q512.निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द रीतिवाचक क्रियाविशेषण है?
- Aदोपहर
- Bध्यान से
- Cसुबह
- Dअंदर
Show answer
अवधारणा: क्रिया का तरीका या ढंग बताने वाला शब्द रीति-सूचक (रीतिवाचक) होता है।
हल:
- ‘ध्यान से पढ़ो’ — पढ़ने का ढंग बताता है → रीतिवाचक।
- ‘दोपहर’, ‘सुबह’ से समय का पता चलता है (कालवाचक); ‘अंदर’ से जगह का (स्थानवाचक)।
ट्रिक: प्रश्न पूछें: ‘कैसे?’ → रीतिवाचक, ‘कब?’ → कालवाचक, ‘कहाँ?’ → स्थानवाचक।
उत्तर: (B) ध्यान से
SSC GDHindiAdverb of mannerSSC GD 2025 · 11 Feb Shift 2
Q513.‘इच्छा’ का पर्याय निम्न में से नहीं है-
- Aआकांक्षा
- Bईप्सा
- Cलोभ
- Dकामना
Show answer
अवधारणा: इच्छा के समानार्थी शब्दों में चाह, मनोरथ, कामना, ईप्सा, आकांक्षा आदि आते हैं।
हल:
- आकांक्षा, ईप्सा, कामना — तीनों इच्छा के पर्याय हैं।
- ‘लोभ’ = लालच, अनुचित चाह — यह एक दोष/मनोविकार है, इच्छा का पर्याय नहीं।
ट्रिक: ‘ईप्सा’ (पाने की इच्छा) अनजाना लगता है पर पर्याय है — अनजाने शब्द को तुरंत गलत न मानें।
उत्तर: (C) लोभ
SSC GDHindiSynonyms – ichchhaSSC GD 2025 · 11 Feb Shift 2
Q514.निम्नलिखित वाक्यांश के लिए उपयुक्त सार्थक शब्द है- वह फूल जो खिला न हो
- Aपराग
- Bकली
- Cफूल केशर
- Dफूल
Show answer
अवधारणा: अनखिले फूल को ‘कली’ कहते हैं।
हल:
- ‘पराग’ फूल का चूर्ण है, ‘केशर’ उसके तंतु — ये फूल के भाग हैं।
- ‘फूल’ तो खिली अवस्था है।
ट्रिक: क्रम याद रखें: कली → फूल (पुष्प) → फल।
उत्तर: (B) कली
SSC GDHindiOne-word substitutionSSC GD 2025 · 11 Feb Shift 2
Q515.‘बरसात के मौसम में आसमान में अक्सर सात रंग दिखाई देते हैं।’ सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर वाक्य के रेखांकित अंश को बदलें-
- Aइंद्रधनुष
- Bसप्तवर्ण
- Cबदरंग
- Dसतरंगी
Show answer
अवधारणा: आकाश में बरसात के समय दिखने वाली सात रंगों की धनुषाकार पट्टी ‘इंद्रधनुष’ है।
हल:
- रेखांकित ‘सात रंग’ की जगह संज्ञा चाहिए → इंद्रधनुष।
- ‘सतरंगी’, ‘सप्तवर्ण’ विशेषण-भाव देते हैं; ‘बदरंग’ = रंग बिगड़ा हुआ।
याद रखें: इंद्रधनुष के रंग क्रम से: बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल (VIBGYOR)।
उत्तर: (A) इंद्रधनुष
SSC GDHindiWord substitution – indradhanushSSC GD 2025 · 11 Feb Shift 2
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
मेघाच्छादित आकाश। तेज __(76)__ हवाएँ तन, मन और आत्मा तक में सिहरन-सी भरती हुई। रह-रहकर होती हुई बारिश। धीमी और निश्चल गीली हवाएँ छतरी को उलट देने के __(77)__ आतुर। उमसाती हुई दिन की मैली भारत में चौमास और अफाह-ए-पस जैसा समय। किंतु यहाँ लंदन में यह मई __(78)__ एक दिन है। आकाश की अलमारी में मेघों की भारी और गीली चादरें सूख रही हैं जिन्हें हटाकर सूर्य कभी-कभी नीचे झाँकता है और धूप नीचे धरती में ऐसे उतरती है-घड़ी __(79)__ के लिए-जैसे मायावी परी हो और सहसा छुप (अदृश्य) हो जाती है। धूप यहाँ इतनी दुर्लभ और कीमती है जैसे सोना हो। धूप का सोना तो भारत में बरसता है-बदस्तूर। जब तक अ-भाव का सामना नहीं होता, तब तक भाव की संपदा का अनुभव __(80)__ होता।
Q516.रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aपास
- Bखराब
- Cबर्फीली
- Dदूर
Show answer
अवधारणा: रिक्त स्थान ‘हवाएँ’ का विशेषण है और उसे ‘सिहरन’ के भाव से मेल खाना चाहिए।
हल:
- सिहरन (कँपकँपी) ठंड से होती है → ‘तेज बर्फीली हवाएँ’।
- ‘पास’, ‘दूर’ हवा के गुण नहीं; ‘खराब’ से ठंड का भाव नहीं आता।
ट्रिक: रिक्त स्थान के बाद वाला संकेत शब्द (सिहरन) पकड़ें — वही उत्तर तय करता है।
उत्तर: (C) बर्फीली
SSC GDHindiCloze (Hindi) – adjectiveSSC GD 2025 · 11 Feb Shift 2
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
मेघाच्छादित आकाश। तेज __(76)__ हवाएँ तन, मन और आत्मा तक में सिहरन-सी भरती हुई। रह-रहकर होती हुई बारिश। धीमी और निश्चल गीली हवाएँ छतरी को उलट देने के __(77)__ आतुर। उमसाती हुई दिन की मैली भारत में चौमास और अफाह-ए-पस जैसा समय। किंतु यहाँ लंदन में यह मई __(78)__ एक दिन है। आकाश की अलमारी में मेघों की भारी और गीली चादरें सूख रही हैं जिन्हें हटाकर सूर्य कभी-कभी नीचे झाँकता है और धूप नीचे धरती में ऐसे उतरती है-घड़ी __(79)__ के लिए-जैसे मायावी परी हो और सहसा छुप (अदृश्य) हो जाती है। धूप यहाँ इतनी दुर्लभ और कीमती है जैसे सोना हो। धूप का सोना तो भारत में बरसता है-बदस्तूर। जब तक अ-भाव का सामना नहीं होता, तब तक भाव की संपदा का अनुभव __(80)__ होता।
Q517.रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aलिए
- Bदिये
- Cपर
- Dनीचे
Show answer
अवधारणा: प्रयोजन बताने के लिए ‘के लिए’ संबंधबोधक प्रयोग होता है।
हल:
- ‘के’ पहले से है, अतः ‘लिए’ जुड़कर बना — ‘उलट देने के लिए आतुर’।
- ‘दिये’, ‘पर’, ‘नीचे’ से पदबंध अर्थहीन हो जाता है।
ट्रिक: ‘आतुर/उत्सुक/तैयार’ से पहले प्रायः ‘के लिए’ आता है।
उत्तर: (A) लिए
SSC GDHindiCloze (Hindi) – postpositionSSC GD 2025 · 11 Feb Shift 2
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
मेघाच्छादित आकाश। तेज __(76)__ हवाएँ तन, मन और आत्मा तक में सिहरन-सी भरती हुई। रह-रहकर होती हुई बारिश। धीमी और निश्चल गीली हवाएँ छतरी को उलट देने के __(77)__ आतुर। उमसाती हुई दिन की मैली भारत में चौमास और अफाह-ए-पस जैसा समय। किंतु यहाँ लंदन में यह मई __(78)__ एक दिन है। आकाश की अलमारी में मेघों की भारी और गीली चादरें सूख रही हैं जिन्हें हटाकर सूर्य कभी-कभी नीचे झाँकता है और धूप नीचे धरती में ऐसे उतरती है-घड़ी __(79)__ के लिए-जैसे मायावी परी हो और सहसा छुप (अदृश्य) हो जाती है। धूप यहाँ इतनी दुर्लभ और कीमती है जैसे सोना हो। धूप का सोना तो भारत में बरसता है-बदस्तूर। जब तक अ-भाव का सामना नहीं होता, तब तक भाव की संपदा का अनुभव __(80)__ होता।
Q518.रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aका
- Bकी
- Cको
- Dके
Show answer
अवधारणा: संबंध कारक का/की/के बाद वाली संज्ञा के लिंग-वचन के अनुसार बदलता है।
हल:
- परसर्ग के बाद ‘एक दिन’ आता है; ‘दिन’ पुल्लिंग एकवचन है, इसलिए ‘का’ लगेगा।
- स्त्रीलिंग संज्ञा हो तो ‘की’, बहुवचन हो तो ‘के’; ‘को’ संबंध नहीं बताता।
ट्रिक: का/की/के तय करने के लिए आगे की संज्ञा देखें, पीछे की नहीं।
उत्तर: (A) का
SSC GDHindiCloze (Hindi) – possessive caseSSC GD 2025 · 11 Feb Shift 2
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
मेघाच्छादित आकाश। तेज __(76)__ हवाएँ तन, मन और आत्मा तक में सिहरन-सी भरती हुई। रह-रहकर होती हुई बारिश। धीमी और निश्चल गीली हवाएँ छतरी को उलट देने के __(77)__ आतुर। उमसाती हुई दिन की मैली भारत में चौमास और अफाह-ए-पस जैसा समय। किंतु यहाँ लंदन में यह मई __(78)__ एक दिन है। आकाश की अलमारी में मेघों की भारी और गीली चादरें सूख रही हैं जिन्हें हटाकर सूर्य कभी-कभी नीचे झाँकता है और धूप नीचे धरती में ऐसे उतरती है-घड़ी __(79)__ के लिए-जैसे मायावी परी हो और सहसा छुप (अदृश्य) हो जाती है। धूप यहाँ इतनी दुर्लभ और कीमती है जैसे सोना हो। धूप का सोना तो भारत में बरसता है-बदस्तूर। जब तक अ-भाव का सामना नहीं होता, तब तक भाव की संपदा का अनुभव __(80)__ होता।
Q519.रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aजी
- Bपर
- Cभर
- Dके
Show answer
अवधारणा: ‘घड़ी भर’ = थोड़ी देर, कुछ क्षण।
हल:
- धूप थोड़ी देर उतरकर छिप जाती है → ‘घड़ी भर के लिए’।
- ‘जी’, ‘पर’, ‘के’ लगाने से कोई सार्थक पदबंध नहीं बनता।
ट्रिक: ऐसे प्रयोग: पल भर, क्षण भर, दिन भर, रात भर।
उत्तर: (C) भर
SSC GDHindiCloze (Hindi) – fixed usageSSC GD 2025 · 11 Feb Shift 2
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
मेघाच्छादित आकाश। तेज __(76)__ हवाएँ तन, मन और आत्मा तक में सिहरन-सी भरती हुई। रह-रहकर होती हुई बारिश। धीमी और निश्चल गीली हवाएँ छतरी को उलट देने के __(77)__ आतुर। उमसाती हुई दिन की मैली भारत में चौमास और अफाह-ए-पस जैसा समय। किंतु यहाँ लंदन में यह मई __(78)__ एक दिन है। आकाश की अलमारी में मेघों की भारी और गीली चादरें सूख रही हैं जिन्हें हटाकर सूर्य कभी-कभी नीचे झाँकता है और धूप नीचे धरती में ऐसे उतरती है-घड़ी __(79)__ के लिए-जैसे मायावी परी हो और सहसा छुप (अदृश्य) हो जाती है। धूप यहाँ इतनी दुर्लभ और कीमती है जैसे सोना हो। धूप का सोना तो भारत में बरसता है-बदस्तूर। जब तक अ-भाव का सामना नहीं होता, तब तक भाव की संपदा का अनुभव __(80)__ होता।
Q520.रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aनहीं
- Bवहीं
- Cतब
- Dजब
Show answer
अवधारणा: ‘जब तक … नहीं, तब तक … नहीं’ — दोनों भाग नकारात्मक रहते हैं।
हल:
- गद्यांश का पहला उपवाक्य पहले से नकारात्मक (नहीं) है।
- दूसरा भाग: ‘तब तक भाव की संपदा का अनुभव नहीं होता’ — अर्थ: कमी झेले बिना किसी चीज़ का मूल्य समझ नहीं आता।
ट्रिक: ‘जब तक … नहीं’ देखते ही दूसरे भाग में भी ‘नहीं’ खोजें।
उत्तर: (A) नहीं
SSC GDHindiCloze (Hindi) – negative pairSSC GD 2025 · 11 Feb Shift 2