Q661.इनमें से किस वाक्य में त्रुटि नहीं है?
- Aयहाँ बैठे-बैठे मन ऊब आया है।
- Bमैं उनसे यह बात मना दूँगा।
- Cकौन-सी किताब पढ़ोगी?
- Dकौन किताब को पढ़ोगी।
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अवधारणा: प्रश्नवाचक वाक्य में सही विशेषण और प्रश्नचिह्न दोनों ज़रूरी हैं।
- विकल्प (c) में स्त्रीलिंग संज्ञा के अनुरूप 'कौन-सी' है और वाक्य प्रश्नचिह्न पर समाप्त होता है।
- (a) 'मन ऊब गया' होना चाहिए; (b) 'बात कह दूँगा' होना चाहिए।
- (d) 'कौन' की जगह 'कौन-सी' और पूर्णविराम की जगह '?' चाहिए।
याद रखें: संज्ञा से पहले प्रश्न पूछना हो तो 'कौन' नहीं, 'कौन-सा/सी/से' (लिंग-वचन अनुसार) लगता है।
उत्तर: (C) कौन-सी किताब पढ़ोगी?
SSC GDHindiवाक्य शुद्धि – शुद्ध वाक्य चुननाSSC GD 2025 · 6 Feb Shift 3
Q662.वर्तनी की दृष्टि से दिए गए वाक्य के किस अंश में त्रुटि है? मनुष्य अपनी इच्छाओं के आधीन होने के कारण ही पतित होता है।
- Aइच्छाओं के आधीन
- Bमनुष्य अपनी
- Cपतित होता है।
- Dहोने के कारण ही
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अवधारणा: 'अधि' उपसर्ग से बने शब्द में आरंभ में 'अ' ही रहता है।
- 'आधीन' गलत है; मानक रूप अधीन है।
- शेष तीनों अंश सही लिखे हैं।
याद रखें: अधीन, अधिकार, अधिकारी, अध्यक्ष – सबमें छोटा 'अ'; पर 'आधिपत्य' में 'आ' आता है।
उत्तर: (A) इच्छाओं के आधीन
SSC GDHindiवर्तनी – अधीनSSC GD 2025 · 6 Feb Shift 3
Q663.निम्नलिखित वाक्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और इसके लिए सार्थक शब्द का चयन करें- बरसात का बिल्कुल न होना
- Aअनावृष्टि
- Bअतिवृष्टि
- Cअंतर्दृष्टि
- Dअल्पवृष्टि
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अवधारणा: वर्षा से जुड़े शब्दों में उपसर्ग अर्थ बदल देता है।
- अनावृष्टि = वर्षा का पूरी तरह अभाव (सूखा)।
- अतिवृष्टि = ज़रूरत से ज़्यादा वर्षा; अल्पवृष्टि = कम वर्षा।
- अंतर्दृष्टि = भीतर की समझ – वर्षा से असंबंधित।
ट्रिक: 'अन' = नहीं, 'अति' = बहुत, 'अल्प' = थोड़ा – उपसर्ग देखकर ही उत्तर चुनें।
उत्तर: (A) अनावृष्टि
SSC GDHindiवाक्यांश के लिए एक शब्द – अनावृष्टिSSC GD 2025 · 6 Feb Shift 3
Q664.‘छोटों को बड़ों से ____ ग्रहण करनी चाहिए।’ रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उपयुक्त तद्भव शब्द है-
- Aशिक्षा
- Bसेह
- Cसीख
- Dनेह
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अवधारणा: प्रश्न तद्भव शब्द माँग रहा है, केवल अर्थ नहीं।
- 'शिक्षा' तत्सम है; इसका तद्भव रूप सीख है।
- रिक्त में 'सीख' रखने पर अर्थ और प्रश्न की शर्त दोनों पूरी होती हैं।
- 'नेह' (स्नेह का तद्भव) अर्थ में नहीं बैठता; 'सेह' असंगत है।
ट्रिक: क्ष → ख/छ: शिक्षा → सीख, पक्ष → पख, क्षेत्र → खेत।
उत्तर: (C) सीख
SSC GDHindiतत्सम–तद्भव – सीखSSC GD 2025 · 6 Feb Shift 3
Q665.रेखांकित शब्द के स्थान पर सर्वोचित विकल्प चुनिए। इस निबंध में अशुद्धियों की अधिकता है।
- Aबहुलता
- Bसघनता
- Cअभिव्यंजना
- Dअल्पता
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अवधारणा: 'अधिकता' के समान अर्थ वाला शब्द चाहिए।
- बहुलता = ढेर सारी संख्या में पाया जाना; यह 'अधिकता' का ठीक समानार्थी है।
- सघनता = घनापन; अभिव्यंजना = भाव प्रकट करना।
- अल्पता = कमी – उल्टा अर्थ।
याद रखें: अधिकता ≈ बहुलता ≈ प्रचुरता; विलोम – अल्पता/न्यूनता।
उत्तर: (A) बहुलता
SSC GDHindiउपयुक्त शब्द – बहुलताSSC GD 2025 · 6 Feb Shift 3
Q666.यह पानी अत्यंत ठंडा है। रेखांकित शब्द के उचित विलोम शब्द का चयन कीजिए।
- Aगर्म
- Bबर्फीला
- Cसाफ
- Dउबला
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अवधारणा: रेखांकित शब्द 'ठंडा' का विपरीत ताप बताने वाला शब्द चाहिए।
- ठंडा ↔ गर्म।
- बर्फीला तो और अधिक ठंडा है – विलोम नहीं।
- साफ (स्वच्छता) और उबला (प्रक्रिया) ताप के विपरीत नहीं।
ट्रिक: विलोम उसी गुण (यहाँ तापमान) के दूसरे छोर पर होता है।
उत्तर: (A) गर्म
SSC GDHindiविलोम – ठंडाSSC GD 2025 · 6 Feb Shift 3
Q667.दिए गए शब्द का उचित विलोम शब्द चुनिए- आत्मा
- Aसुआत्मा
- Bपरमात्मा
- Cअनात्म
- Dआत्म
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अवधारणा: हिंदी में 'आत्मा–परमात्मा' मानक विलोम-युग्म है।
- आत्मा (जीव) ↔ परमात्मा (ईश्वर/ब्रह्म)।
- 'आत्म' इसी का समास रूप है (आत्मबल); 'सुआत्मा' मानक शब्द नहीं।
याद रखें: ऐसे ही युग्म: जीव–ब्रह्म, लौकिक–अलौकिक।
उत्तर: (B) परमात्मा
SSC GDHindiविलोम – आत्माSSC GD 2025 · 6 Feb Shift 3
Q668.निम्नलिखित वाक्य को ध्यानपूर्वक पढ़ें और बताएं कि परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण संबंधी त्रुटि की पहचान कर शुद्ध वाक्य लिखें। मुझे पानी दे दो।
- Aमुझे थोड़ा पानी चाहिए।
- Bमुझे पानी नहीं चाहिए।
- Cमुझे पानी दो।
- Dमुझे पानी देना।
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अवधारणा: परिमाणवाचक शब्द (थोड़ा, अधिक, कम, बहुत) मात्रा बताते हैं।
- दिए वाक्य में पानी कितना चाहिए, यह नहीं बताया गया।
- विकल्प (a) में 'थोड़ा' शब्द पानी की मात्रा तय कर देता है।
- बाकी विकल्पों में केवल क्रिया/निषेध बदला है, मात्रा नहीं।
ट्रिक: प्रश्न में 'परिमाणवाचक' दिखे तो वही विकल्प चुनें जिसमें थोड़ा/कम/ज़्यादा जैसा शब्द हो।
उत्तर: (A) मुझे थोड़ा पानी चाहिए।
SSC GDHindiपरिमाणवाचक क्रिया-विशेषणSSC GD 2025 · 6 Feb Shift 3
Q669.वाक्य में रेखांकित शब्द के स्थान पर सर्वोचित शब्द का चयन कीजिए। मुझे खेद है कि मैं आपके दर्द में सम्मिलित न हो सका।
- Aदुःख
- Bपीड़ा
- Cविरह
- Dआनंद
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अवधारणा: संवेदना प्रकट करने के लिए 'किसी के दुःख में शामिल होना' प्रयोग होता है।
- 'दर्द' की जगह दुःख – मन की वेदना को बताता है।
- पीड़ा अधिकतर देह की तकलीफ़ के लिए; विरह = प्रिय से बिछड़ना।
- आनंद अर्थ उलट देता है।
ट्रिक: 'खेद' और 'सम्मिलित' शब्द शोक-संवेदना का संकेत देते हैं → दुःख।
उत्तर: (A) दुःख
SSC GDHindiउपयुक्त शब्द – दुःखSSC GD 2025 · 6 Feb Shift 3
Q670.‘कमरे में बंदर को देख कर काशू के मुँह पर हवाई फिरने लग गए।’ वाक्य में रेखांकित भाग को उचित विकल्प से बदलें-
- Aकी हवा बँध गई
- Bके मुँह पर तोते गिरने लगे
- Cकी हवाइयाँ छूट गईं
- Dकी हवा पलट गई
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अवधारणा: डर से घबरा जाने का भाव देने वाला मुहावरा चाहिए।
- हवाइयाँ छूटना = डर के मारे घबरा जाना, मुख फीका पड़ जाना।
- बंदर देखकर डरने का प्रसंग इसी से मेल खाता है।
- हवा बँधना = धाक जमना; हवा पलटना = स्थिति बदलना।
याद रखें: डर के मुहावरे: हवाइयाँ उड़ना/छूटना, होश उड़ना, तोते उड़ना, घिग्घी बँधना।
उत्तर: (C) की हवाइयाँ छूट गईं
SSC GDHindiमुहावरा – हवाइयाँ छूटनाSSC GD 2025 · 6 Feb Shift 3
Q671.‘मुझे खाने में ____ मत दिया करो, कुछ हल्का-फुल्का नाश्ता ही काफी है।’ उचित सार्थक-निरर्थक शब्द-युग्म वाले विकल्प का चयन कीजिए।
- Aसब्जी-रोटी
- Bनाश्ता-वाश्ता
- Cभारी-खाना
- Dपराठा-वराठा
Show answer
अवधारणा: ऐसे युग्म में पहला शब्द अर्थ देता है, दूसरा केवल तुक मिलाने को जोड़ा जाता है (जैसे चाय-वाय)।
- वाक्य का दूसरा भाग हल्के खाने की बात करता है, अतः रिक्त में भारी भोजन चाहिए।
- 'पराठा-वराठा' – भारी भोजन भी, सही युग्म भी।
- विकल्प (b) बनावट में ठीक है पर वाक्य का भाव उलट देगा; (a), (c) में कोई निरर्थक अंश नहीं।
ट्रिक: पहले युग्म की बनावट जाँचें, फिर वाक्य के अर्थ से मिलान करें।
उत्तर: (D) पराठा-वराठा
SSC GDHindiसार्थक-निरर्थक शब्द-युग्मSSC GD 2025 · 6 Feb Shift 3
Q672.निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द गंगा का पर्यायवाची नहीं है?
- Aसरिता
- Bदेवपगा
- Cसुरसरि
- Dध्रुवनंदा
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अवधारणा: जो शब्द केवल 'नदी' का सामान्य अर्थ दे, वह गंगा का विशेष पर्याय नहीं।
- सरिता = कोई भी नदी – गंगा का विशेष नाम नहीं।
- सुरसरि, देवपगा, ध्रुवनंदा – गंगा के नाम।
याद रखें: गंगा के अन्य नाम: भागीरथी, जाह्नवी, मंदाकिनी, त्रिपथगा, देवनदी।
उत्तर: (A) सरिता
SSC GDHindiपर्यायवाची – गंगाSSC GD 2025 · 6 Feb Shift 3
Q673.रेखांकित शब्द के विलोम से वाक्य पूर्ण करें- कोई भी जाँच तटस्थ होकर ही करनी चाहिए, ____ बनकर ईमानदारी से कार्य नहीं होता।
- Aसहपक्षी
- Bपक्षपाती
- Cसहयोगी
- Dविपक्षी
Show answer
अवधारणा: तटस्थ = किसी का पक्ष न लेने वाला।
- तटस्थ ↔ पक्षपाती (एक पक्ष की ओर झुका)।
- विपक्षी = विरोधी दल; सहयोगी/सहपक्षी = साथ देने वाले।
ट्रिक: निष्पक्ष/तटस्थ ↔ पक्षपाती – 'पक्ष' शब्द-परिवार से ही उत्तर मिलता है।
उत्तर: (B) पक्षपाती
SSC GDHindiविलोम – तटस्थSSC GD 2025 · 6 Feb Shift 3
Q674.निम्न वाक्य में रेखांकित पद को संशोधित कीजिए। यदि तुम्हें लड़की मिल जाएँ तो वे पोस्टर बनाएँगी।
- Aसीमेंट
- Bकागज
- Cकलम
- Dपन्ने
Show answer
अवधारणा: नई संज्ञा क्रिया के वचन और पोस्टर-निर्माण के अर्थ, दोनों के अनुकूल होनी चाहिए।
- 'कागज' बहुवचन में भी 'कागज' रहता है, इसलिए 'मिल जाएँ' से संगति बनती है।
- पोस्टर कागज पर बनता है, इसलिए अर्थ भी ठीक।
- सीमेंट, कलम पोस्टर की सतह नहीं; 'पन्ने' कॉपी/किताब के पृष्ठ हैं।
याद रखें: पुल्लिंग आकारांत न होने वाले शब्द (कागज, घर, फल) बहुवचन में वैसे ही रहते हैं।
उत्तर: (B) कागज
SSC GDHindiसंज्ञा संशोधन – वाक्य-संगतिSSC GD 2025 · 6 Feb Shift 3
Q675.दिए गए वाक्य में त्रुटि पहचानें। दरवाजा पर सोहन आया है।
- Aआया
- Bसोहन
- Cदरवाजा
- Dपर
Show answer
अवधारणा: आकारांत पुल्लिंग संज्ञा के बाद परसर्ग (पर, में, से, को) आने पर उसका विकारी रूप (-ए) बनता है।
- 'दरवाजा' के बाद परसर्ग 'पर' है, अतः 'दरवाजा' → 'दरवाजे' होगा।
- शुद्ध वाक्य: दरवाजे पर सोहन आया है।
- 'पर', 'सोहन', 'आया' सही हैं।
याद रखें: लड़का → लड़के ने, कमरा → कमरे में, दरवाजा → दरवाजे पर।
उत्तर: (C) दरवाजा
SSC GDHindiError spotting – oblique form of nounSSC GD 2025 · 6 Feb Shift 3
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भारतीय समाज पर वैश्वीकरण का प्रभाव बढ़ा है। फलतः वैश्विक अर्थव्यवस्था का (76) ____ पूर्व की अपेक्षा कहीं ज्यादा मजबूत नजर आ रहा है। वैसे भी यदि परंपरागत भारतीय समाज का (77) ____ किया जाए तो यह स्पष्ट नजर आता है कि पारस्परिक लेनदेन और निर्भरता की अंतःक्रियाएँ हमारे समाज में प्राचीन काल से होती रही हैं। समाज की सार्थकता तथा अच्छी सामाजिक व्यवस्था के लिए ये अंतःक्रियाएँ और अंतःसंबंध (78) ____ भी हैं। सामाजिक उत्कर्ष और पारस्परिक सामाजिक व्यवस्था तभी संभव है जब समाज के लोग सामाजिक (79) ____ के लिए न सिर्फ प्रतिबद्ध रहें बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का भली-भाँति भी (80) ____ करें।
Q676.रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aपरिणाम
- Bप्रभाव
- Cताना-बाना
- Dअस्तित्व
Show answer
अवधारणा: रिक्त में पुल्लिंग संज्ञा चाहिए जो 'मज़बूत नज़र आ रहा है' से जुड़ सके।
- अस्तित्व = होना/उपस्थिति; वाक्य इसी उपस्थिति के पहले से अधिक मज़बूत होने की बात करता है।
- 'प्रभाव' ठीक पिछले वाक्य का शब्द है, उसे दोबारा रखना पुनरुक्ति होगी।
- परिणाम (फल) और ताना-बाना (बुनावट) प्रसंग से मेल नहीं खाते।
ट्रिक: गद्यांश में जो शब्द ठीक पहले आ चुका हो, वह अक्सर रिक्त का उत्तर नहीं होता।
उत्तर: (D) अस्तित्व
SSC GDHindiगद्यांश रिक्त स्थान – अस्तित्वSSC GD 2025 · 6 Feb Shift 3
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भारतीय समाज पर वैश्वीकरण का प्रभाव बढ़ा है। फलतः वैश्विक अर्थव्यवस्था का (76) ____ पूर्व की अपेक्षा कहीं ज्यादा मजबूत नजर आ रहा है। वैसे भी यदि परंपरागत भारतीय समाज का (77) ____ किया जाए तो यह स्पष्ट नजर आता है कि पारस्परिक लेनदेन और निर्भरता की अंतःक्रियाएँ हमारे समाज में प्राचीन काल से होती रही हैं। समाज की सार्थकता तथा अच्छी सामाजिक व्यवस्था के लिए ये अंतःक्रियाएँ और अंतःसंबंध (78) ____ भी हैं। सामाजिक उत्कर्ष और पारस्परिक सामाजिक व्यवस्था तभी संभव है जब समाज के लोग सामाजिक (79) ____ के लिए न सिर्फ प्रतिबद्ध रहें बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का भली-भाँति भी (80) ____ करें।
Q677.रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aदर्शन
- Bअवलोकन
- Cनिरीक्षण
- Dशोध
Show answer
अवधारणा: '…का ____ किया जाए तो स्पष्ट नज़र आता है' – देखने-परखने का भाव।
- अवलोकन = ध्यान से समग्र रूप में देखना → 'समाज का अवलोकन'।
- निरीक्षण प्रायः औपचारिक जाँच के लिए; शोध के साथ 'पर' लगता है।
- दर्शन = दार्शनिक चिंतन/दीदार – यहाँ असंगत।
ट्रिक: 'नज़र आता है' जैसे शब्द देखने वाली संज्ञा (अवलोकन) की ओर इशारा करते हैं।
उत्तर: (B) अवलोकन
SSC GDHindiगद्यांश रिक्त स्थान – अवलोकनSSC GD 2025 · 6 Feb Shift 3
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भारतीय समाज पर वैश्वीकरण का प्रभाव बढ़ा है। फलतः वैश्विक अर्थव्यवस्था का (76) ____ पूर्व की अपेक्षा कहीं ज्यादा मजबूत नजर आ रहा है। वैसे भी यदि परंपरागत भारतीय समाज का (77) ____ किया जाए तो यह स्पष्ट नजर आता है कि पारस्परिक लेनदेन और निर्भरता की अंतःक्रियाएँ हमारे समाज में प्राचीन काल से होती रही हैं। समाज की सार्थकता तथा अच्छी सामाजिक व्यवस्था के लिए ये अंतःक्रियाएँ और अंतःसंबंध (78) ____ भी हैं। सामाजिक उत्कर्ष और पारस्परिक सामाजिक व्यवस्था तभी संभव है जब समाज के लोग सामाजिक (79) ____ के लिए न सिर्फ प्रतिबद्ध रहें बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का भली-भाँति भी (80) ____ करें।
Q678.रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aप्रासंगिक
- Bसार्थक
- Cआवश्यक
- Dअर्थपूर्ण
Show answer
अवधारणा: '…के लिए ये अंतःसंबंध ____ भी हैं' – अनिवार्यता का भाव।
- आवश्यक = अनिवार्य, ज़रूरी – 'भी हैं' के साथ सहज बैठता है।
- 'सार्थकता' पहले आ चुकी है, इसलिए सार्थक/अर्थपूर्ण दोहराव होंगे।
- प्रासंगिक केवल संबंध बताता है, ज़रूरत नहीं।
ट्रिक: 'के लिए … भी हैं' ढाँचे में प्रायः आवश्यक/ज़रूरी बैठता है।
उत्तर: (C) आवश्यक
SSC GDHindiगद्यांश रिक्त स्थान – आवश्यकSSC GD 2025 · 6 Feb Shift 3
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भारतीय समाज पर वैश्वीकरण का प्रभाव बढ़ा है। फलतः वैश्विक अर्थव्यवस्था का (76) ____ पूर्व की अपेक्षा कहीं ज्यादा मजबूत नजर आ रहा है। वैसे भी यदि परंपरागत भारतीय समाज का (77) ____ किया जाए तो यह स्पष्ट नजर आता है कि पारस्परिक लेनदेन और निर्भरता की अंतःक्रियाएँ हमारे समाज में प्राचीन काल से होती रही हैं। समाज की सार्थकता तथा अच्छी सामाजिक व्यवस्था के लिए ये अंतःक्रियाएँ और अंतःसंबंध (78) ____ भी हैं। सामाजिक उत्कर्ष और पारस्परिक सामाजिक व्यवस्था तभी संभव है जब समाज के लोग सामाजिक (79) ____ के लिए न सिर्फ प्रतिबद्ध रहें बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का भली-भाँति भी (80) ____ करें।
Q679.रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aप्रतिकारों
- Bव्यवस्थाओं
- Cसरोकारों
- Dपरंपराओं
Show answer
अवधारणा: रिक्त के आसपास का भाव: समाज के प्रति लगाव और दायित्व।
- सरोकार का अर्थ है – लगाव, वास्ता, चिंता।
- वाक्य का अगला हिस्सा (ज़िम्मेदारियाँ निभाना) इसी अर्थ को पक्का करता है।
- प्रतिकार = बदला; परंपरा = रीति-रिवाज; व्यवस्था पहले आ चुकी।
ट्रिक: 'सामाजिक सरोकार' एक प्रचलित शब्द-युग्म है – इसे याद रखें।
उत्तर: (C) सरोकारों
SSC GDHindiगद्यांश रिक्त स्थान – सरोकारोंSSC GD 2025 · 6 Feb Shift 3
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भारतीय समाज पर वैश्वीकरण का प्रभाव बढ़ा है। फलतः वैश्विक अर्थव्यवस्था का (76) ____ पूर्व की अपेक्षा कहीं ज्यादा मजबूत नजर आ रहा है। वैसे भी यदि परंपरागत भारतीय समाज का (77) ____ किया जाए तो यह स्पष्ट नजर आता है कि पारस्परिक लेनदेन और निर्भरता की अंतःक्रियाएँ हमारे समाज में प्राचीन काल से होती रही हैं। समाज की सार्थकता तथा अच्छी सामाजिक व्यवस्था के लिए ये अंतःक्रियाएँ और अंतःसंबंध (78) ____ भी हैं। सामाजिक उत्कर्ष और पारस्परिक सामाजिक व्यवस्था तभी संभव है जब समाज के लोग सामाजिक (79) ____ के लिए न सिर्फ प्रतिबद्ध रहें बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का भली-भाँति भी (80) ____ करें।
Q680.रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aअतिक्रमण
- Bनिर्वहन
- Cप्रचार
- Dपरिवहन
Show answer
अवधारणा: रिक्त स्थान को कर्तव्य निभाने का अर्थ देना है।
- निर्वहन = सौंपा गया काम अंत तक निभाते रहना।
- अतिक्रमण = सीमा तोड़ना (उल्टा अर्थ); प्रचार = फैलाना; परिवहन = ढुलाई।
ट्रिक: दायित्व/कर्तव्य/ज़िम्मेदारी के साथ सदा 'निर्वहन' या 'पालन' आता है।
उत्तर: (B) निर्वहन
SSC GDHindiगद्यांश रिक्त स्थान – निर्वहनSSC GD 2025 · 6 Feb Shift 3