- Aसरस्वती का
- Bविष्णु का
- Cबादल का
- Dकमल का
Show answer
अवधारणा: ‘नीर’ (जल) देने वाला = बादल।
हल:
- नीर + द (देने वाला) = नीरद, अर्थात् जल देने वाला – बादल।
- बादल के अन्य पर्याय: जलद, वारिद, अंबुद, पयोद, घन, मेघ।
- सरस्वती = शारदा; विष्णु = नारायण; कमल = नीरज (जल में जन्मा) – ‘नीरज’ और ‘नीरद’ में भ्रम न करें।
ट्रिक: ‘द’ = देने वाला (जलद, वारिद, नीरद → बादल); ‘ज’ = जन्मा (नीरज, जलज → कमल)।
उत्तर: (C) बादल का
SSC GDHindiSynonym – NeeradSSC GD 2025 · 20 Feb Shift 1
Q162.‘जब मदारी डमरू बजा रहा था तब बन्दर नाच रहा था।’ निम्नलिखित विकल्पों में से इस वाक्य के लिए कौन-सा एक उचित संयुक्त वाक्य होगा?
- Aबन्दर नाच रहा था, मदारी डमरू बजा रहा था।
- Bजब मदारी के डमरू पर बन्दर नाच रहा था।
- Cमदारी डमरू बजा रहा था या बन्दर नाच रहा था।
- Dजब मदारी डमरू बजा रहा था और बन्दर नाच रहा था।
Show answer
अवधारणा: संयुक्त वाक्य में दो स्वतंत्र उपवाक्य ‘और, या, पर’ जैसे समानाधिकरण योजक से जुड़ते हैं।
हल:
- मूल वाक्य ‘जब… तब…’ वाला मिश्र वाक्य है; दोनों कार्य साथ-साथ हो रहे हैं।
- दोनों कार्यों को ‘और’ से जोड़ने वाला विकल्प (D) ही दिए विकल्पों में संयुक्त वाक्य का रूप है।
- (A) में योजक नहीं; (B) अधूरा सरल वाक्य; (C) ‘या’ से अर्थ बदल जाता है (विकल्प का भाव)।
ट्रिक: संयुक्त वाक्य पहचानने के लिए योजक देखें – ‘और/तथा/एवं’ साथ-साथ होने का अर्थ बनाए रखते हैं।
उत्तर: (D) जब मदारी डमरू बजा रहा था और बन्दर नाच रहा था।
SSC GDHindiCompound sentenceSSC GD 2025 · 20 Feb Shift 1
Q163.निम्नलिखित वाक्य को विदेशज शब्द के माध्यम से पूर्ण करें-
____ साहब ने सभी हवलदारों की अच्छी परेड करवाई।
- Aपेटिका
- Bआफीन
- Cकमिश्नर
- Dअखवाट
Show answer
अवधारणा: विदेशी भाषाओं (अंग्रेज़ी, फ़ारसी, अरबी आदि) से आए शब्द विदेशज कहलाते हैं।
हल:
- ‘कमिश्नर’ अंग्रेज़ी शब्द Commissioner से आया है – विदेशज।
- वाक्य में ‘___ साहब’ पद/अधिकारी का नाम माँगता है, जो केवल ‘कमिश्नर’ है।
- अन्य विकल्प अर्थ की दृष्टि से वाक्य में नहीं बैठते।
याद रखें: अंग्रेज़ी से आए पदनाम – कमिश्नर, कलेक्टर, डॉक्टर, मास्टर, पुलिस – सभी विदेशज हैं।
उत्तर: (C) कमिश्नर
SSC GDHindiForeign-origin wordSSC GD 2025 · 20 Feb Shift 1
Q164.मुहावरे और उसके अर्थ के लिए सही विकल्प चुनें-
अकड़ दिखाना
- Aधौंस दिखाना
- Bअकड़ कर खड़े रहना
- Cघमंड करना
- Dशरीर कड़ा करना
Show answer
अवधारणा: मुहावरे का लाक्षणिक (छिपा) अर्थ लिया जाता है, शाब्दिक नहीं।
हल:
- ‘अकड़ दिखाना’ = घमंड करना, अहंकार प्रकट करना।
- (B) और (D) केवल शब्दों का सीधा मतलब बताते हैं।
- ‘धौंस दिखाना’ = डराना-धमकाना, जो अलग अर्थ है।
ट्रिक: शरीर से जुड़े शाब्दिक अर्थ वाले विकल्प मुहावरे में प्रायः गलत होते हैं।
उत्तर: (C) घमंड करना
SSC GDHindiIdiomSSC GD 2025 · 20 Feb Shift 1
Q165.‘यह नाटक बहुत अच्छे हैं।’ पुल्लिंग की दृष्टि से वाक्य का शुद्ध रूप है-
- Aयह नाटक बहुत अच्छी है।
- Bयह नाटक बहुत अच्छा है।
- Cयह नाटक अच्छा था।
- Dनाटक अच्छा हो सकता है।
Show answer
अवधारणा: विशेषण और क्रिया, संज्ञा के लिंग-वचन के अनुसार चलते हैं।
हल:
- ‘नाटक’ पुल्लिंग एकवचन है, साथ में ‘यह’ भी एकवचन।
- अतः ‘अच्छे हैं’ → ‘अच्छा है’।
- शुद्ध वाक्य: यह नाटक बहुत अच्छा है।
ट्रिक: ‘यह’ (एकवचन) के साथ ‘हैं’ नहीं, ‘है’ आता है; पुल्लिंग एकवचन विशेषण ‘-आ’ पर समाप्त होता है।
उत्तर: (B) यह नाटक बहुत अच्छा है।
SSC GDHindiGender agreementSSC GD 2025 · 20 Feb Shift 1
Q166.‘पितृश्वसा’ का उचित तद्भव रूप चुनकर वाक्य पूर्ण करें-
यह उसकी ____ है।
- Aबुआ
- Bपतोहू
- Cमौसी
- Dपरछाई
Show answer
अवधारणा: तत्सम = संस्कृत का मूल शब्द; तद्भव = उससे बदला हुआ हिंदी रूप।
हल:
- पितृश्वसा = पिता की बहन → तद्भव ‘बुआ’ (फूफी)।
- मातृष्वसा (माँ की बहन) → मौसी।
- पुत्रवधू → पतोहू; प्रतिच्छाया → परछाई।
ट्रिक: पितृ = पिता की ओर → बुआ; मातृ = माँ की ओर → मौसी।
उत्तर: (A) बुआ
SSC GDHindiTatsam–TadbhavSSC GD 2025 · 20 Feb Shift 1
Q167.लिंग-निर्णय की दृष्टि से निम्नलिखित में से किस द्रव का नाम स्त्रीलिंग में होता है?
- Aमृदा
- Bलस्सी
- Cशरबत
- Dपानी
Show answer
अवधारणा: अधिकतर द्रवों के नाम पुल्लिंग होते हैं, कुछ अपवाद स्त्रीलिंग हैं।
हल:
- पानी, शरबत, दूध, तेल, घी – पुल्लिंग (पानी ठंडा है)।
- लस्सी, चाय, कॉफ़ी, छाछ – स्त्रीलिंग (लस्सी ठंडी है)।
- मृदा (मिट्टी) तो द्रव ही नहीं है।
ट्रिक: ‘ठंडा/ठंडी’ लगाकर परखें: ‘लस्सी ठंडी है’ – स्त्रीलिंग।
उत्तर: (B) लस्सी
SSC GDHindiGender of liquidsSSC GD 2025 · 20 Feb Shift 1
Q168.रेखांकित शब्द के विलोम से दिया गया वाक्य पूर्ण करें-
निर्मल हृदय में ही ईश्वर का वास होता है-____ हृदय में तो शैतान ही बसता है।
- Aनिःछल
- Bकुटिल
- Cमलिन
- Dअस्वच्छ
Show answer
अवधारणा: रेखांकित शब्द का ठीक उल्टा अर्थ वाला शब्द रखें।
हल:
- निर्मल = स्वच्छ, मल रहित।
- विलोम = मलिन (मैला, दूषित)।
- कुटिल = छली (विलोम: सरल); निःछल तो निर्मल के निकट है; ‘अस्वच्छ’ का विलोम ‘स्वच्छ’ है, निर्मल का युग्म ‘मलिन’ है।
ट्रिक: ‘निर्’ (रहित) हटाकर मूल ‘मल’ देखें → मलिन।
उत्तर: (C) मलिन
SSC GDHindiAntonym – NirmalSSC GD 2025 · 20 Feb Shift 1
Q169.निम्नलिखित वाक्य के किस खंड में अशुद्धि है?
सांस्कृतिक जागृति के बाद राष्ट्रिय जागृति आती है।
- Aसांस्कृतिक
- Bजागृति
- Cराष्ट्रिय
- Dआती है
Show answer
अवधारणा: ‘-ईय’ प्रत्यय वाले विशेषणों में दीर्घ ‘ई’ लगती है।
हल:
- ‘ईय’ प्रत्यय जुड़ने पर शुद्ध रूप ‘राष्ट्रीय’ बनता है।
- ‘राष्ट्रिय’ अशुद्ध है।
- बाकी तीनों अंश ठीक लिखे हैं।
ट्रिक: भारतीय, मानवीय, राष्ट्रीय, स्वर्गीय – सबमें ‘-ईय’ (दीर्घ ई)।
उत्तर: (C) राष्ट्रिय
SSC GDHindiSpellingSSC GD 2025 · 20 Feb Shift 1
Q170.‘अंक’ शब्द का अनेकार्थी निम्न में से कौन-सा असंगत है?
- Aगोद
- Bनाटक का भाग
- Cधागा
- Dसंख्या
Show answer
अवधारणा: एक शब्द के कई अर्थ होते हैं; जो अर्थ उसका नहीं है, उसे चुनें।
हल:
- ‘अंक’ के अर्थ: गोद, संख्या, नाटक का भाग, चिह्न, प्राप्तांक।
- ‘धागा’ अंक का अर्थ नहीं है (धागा = सूत्र, तंतु)।
याद रखें: ‘अंक में भरना’ = गोद में लेना – यही मुहावरा ‘गोद’ वाला अर्थ याद दिलाता है।
उत्तर: (C) धागा
SSC GDHindiPolysemous wordSSC GD 2025 · 20 Feb Shift 1
Q171.‘यह झूठी प्राकृतिक है।’ रेखांकित शब्द के उचित विलोम शब्द का चयन कीजिए।
- Aबनावटी
- Bविपुल
- Cकृत्रिम
- Dनैसर्गिक
Show answer
अवधारणा: जो प्रकृति से मिले वह प्राकृतिक; जो इंसान बनाए वह कृत्रिम।
हल:
- इसलिए रेखांकित शब्द का उचित विलोम ‘कृत्रिम’।
- नैसर्गिक का अर्थ भी ‘स्वाभाविक’ है, यह समानार्थी है।
- विपुल = बहुत अधिक – असंबंधित; ‘बनावटी’ बोलचाल का शब्द है, जबकि परीक्षा में तत्सम जोड़ा माना जाता है।
ट्रिक: संस्कृत मूल के शब्द का विपरीत भी संस्कृत मूल का चुनें – जैसे स्वाभाविक/कृत्रिम।
उत्तर: (C) कृत्रिम
SSC GDHindiAntonym – PrakritikSSC GD 2025 · 20 Feb Shift 1
Q172.निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित पद के बदले कौन-सा विकल्प उपयुक्त होगा?
बूढ़ी काकी जूठी पत्तलों को चाटने लगी।
- Aचाटने
- Bचबाने
- Cनिगलने
- Dदेखने
Show answer
अवधारणा: प्रसंग के अनुसार सबसे उपयुक्त क्रिया चुनें।
हल:
- यह पंक्ति प्रेमचंद की प्रसिद्ध रचना से है, जहाँ भूख से बेहाल काकी पत्तलें चाटती हैं।
- पत्तल चबाई, निगली नहीं जाती; ‘देखने’ से भूख का भाव नहीं आता।
- अतः रेखांकित ‘चाटने’ ही सही है – बदलाव की आवश्यकता नहीं।
याद रखें: ‘बूढ़ी काकी’ के लेखक मुंशी प्रेमचंद हैं; कहानी वृद्धों की उपेक्षा पर है।
उत्तर: (A) चाटने
SSC GDHindiCorrect word in contextSSC GD 2025 · 20 Feb Shift 1
Q173.इनमें से ‘संकीर्ण’ का विलोम शब्द कौन-सा है?
- Aविस्तीर्ण
- Bविकिरण
- Cप्रकीर्ण
- Dअंतर्वीर्ण
Show answer
अवधारणा: संकीर्ण = तंग, संकरा, सीमित।
हल:
- विलोम = विस्तीर्ण (फैला हुआ, चौड़ा)।
- विकिरण = किरणें फैलाना; प्रकीर्ण = बिखरा हुआ – विलोम नहीं।
ट्रिक: उपसर्ग बदलें: सम्/सं (सिकुड़ना) ↔ वि (फैलाव) → संकीर्ण ↔ विस्तीर्ण।
उत्तर: (A) विस्तीर्ण
SSC GDHindiAntonym – SankeernSSC GD 2025 · 20 Feb Shift 1
Q174.वर्तनी की दृष्टि से दिए गए वाक्य के त्रुटि वाले अंश की पहचान करें-
तूफानी बारिश के कारण गाँववाले अनिष्ठ की आशंका से काँप उठे।
- Aतूफानी बारिश
- Bअनिष्ठ की आशंका
- Cके कारण गाँववाले
- Dसे काँप उठे
Show answer
अवधारणा: ‘इष्ट’ (चाहा हुआ) में ‘ट’ है; उसका विलोम ‘अनिष्ट’ भी ‘ष्ट’ से लिखा जाता है।
हल:
- अनिष्ट = बुरा, अमंगल।
- ‘अनिष्ठ’ अशुद्ध है (‘ष्ठ’ निष्ठा, श्रेष्ठ में आता है)।
- शुद्ध अंश: अनिष्ट की आशंका।
ट्रिक: इष्ट, अनिष्ट, कष्ट, स्पष्ट – ‘ष्ट’; निष्ठा, श्रेष्ठ, प्रतिष्ठा – ‘ष्ठ’।
उत्तर: (B) अनिष्ठ की आशंका
SSC GDHindiSpellingSSC GD 2025 · 20 Feb Shift 1
Q175.दिए गए वाक्य में शब्द या वाक्य-खंड को बदलिए-
मैं गाने का कसरत कर रहा हूँ।
- Aमैं गाने का अभ्यास कर रहा हूँ।
- Bमैं गाना का कसरत ही कर रहा हूँ।
- Cमैं गाने का ही कसरत कर रहा हूँ।
- Dमैं गाने की कसरत कर रहा हूँ।
Show answer
अवधारणा: शब्द का प्रयोग उसके सही अर्थ में होना चाहिए।
हल:
- ‘कसरत’ शारीरिक व्यायाम के लिए प्रयुक्त होता है।
- गाने के लिए ‘अभ्यास’ (रियाज़) उपयुक्त है।
- शुद्ध वाक्य: मैं गाने का अभ्यास कर रहा हूँ।
ट्रिक: ‘अभ्यास’ पुल्लिंग है, इसलिए ‘गाने का अभ्यास’ – ‘का’ भी सही बैठता है।
उत्तर: (A) मैं गाने का अभ्यास कर रहा हूँ।
SSC GDHindiCorrect usageSSC GD 2025 · 20 Feb Shift 1
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
महाराज शांतनु का सत्यवती से __(76)__ हुआ और उससे उनके दो पुत्र हुए-चित्रांगद और विचित्रवीर्य। चित्रांगद निःसंतान मरे और विचित्रवीर्य की धृतराष्ट्र और पांडु नामक दो पुत्र उत्पन्न हुए। धृतराष्ट्र जन्मांध थे, अतः राज्यगद्दी पांडु को प्राप्त हुई। धृतराष्ट्र के सौ पुत्र हुए जिनमें __(77)__ सबसे बड़ा था। पांडु के क्रमशः युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव पाँच पुत्र हुए। धृतराष्ट्र के पुत्र __(78)__ तथा पांडु के पुत्र पांडव कहे जाते थे। अर्जुन __(79)__ में, भीम मल्लयुद्ध में अद्वितीय थे। दुर्योधन पांडवों से ईर्ष्या रखता था। भीष्म ने इन राजकुमारों की शिक्षा-दीक्षा का उचित प्रबंध किया था। __(80)__ उनके पितामह लगते थे।
Q176.रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aयुद्ध
- Bसंघर्ष
- Cसमृद्धता
- Dविवाह
Show answer
अवधारणा: आगे के वाक्य ‘उससे उनके दो पुत्र हुए’ से संबंध स्पष्ट होता है।
हल:
- पुत्र होने का उल्लेख बताता है कि शांतनु और सत्यवती का विवाह हुआ।
- युद्ध, संघर्ष, समृद्धता प्रसंग से मेल नहीं खाते।
ट्रिक: रिक्त के बाद वाले वाक्यांश से संकेत लें – ‘दो पुत्र हुए’ = विवाह।
उत्तर: (D) विवाह
SSC GDHindiCloze – MahabharataSSC GD 2025 · 20 Feb Shift 1
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
महाराज शांतनु का सत्यवती से __(76)__ हुआ और उससे उनके दो पुत्र हुए-चित्रांगद और विचित्रवीर्य। चित्रांगद निःसंतान मरे और विचित्रवीर्य की धृतराष्ट्र और पांडु नामक दो पुत्र उत्पन्न हुए। धृतराष्ट्र जन्मांध थे, अतः राज्यगद्दी पांडु को प्राप्त हुई। धृतराष्ट्र के सौ पुत्र हुए जिनमें __(77)__ सबसे बड़ा था। पांडु के क्रमशः युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव पाँच पुत्र हुए। धृतराष्ट्र के पुत्र __(78)__ तथा पांडु के पुत्र पांडव कहे जाते थे। अर्जुन __(79)__ में, भीम मल्लयुद्ध में अद्वितीय थे। दुर्योधन पांडवों से ईर्ष्या रखता था। भीष्म ने इन राजकुमारों की शिक्षा-दीक्षा का उचित प्रबंध किया था। __(80)__ उनके पितामह लगते थे।
Q177.रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aकर्ण
- Bदुर्योधन
- Cदुशासन
- Dयुधिष्ठिर
Show answer
अवधारणा: सौ कौरव भाइयों में ज्येष्ठ कौन।
हल:
- सबसे बड़े कौरव दुर्योधन (सुयोधन) थे; दुःशासन दूसरे क्रम पर थे।
- कर्ण और युधिष्ठिर कौरव नहीं हैं।
ट्रिक: आगे के वाक्य में दुर्योधन का नाम पांडवों के प्रतिद्वंद्वी के रूप में आता है – यही संकेत है।
उत्तर: (B) दुर्योधन
SSC GDHindiCloze – MahabharataSSC GD 2025 · 20 Feb Shift 1
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
महाराज शांतनु का सत्यवती से __(76)__ हुआ और उससे उनके दो पुत्र हुए-चित्रांगद और विचित्रवीर्य। चित्रांगद निःसंतान मरे और विचित्रवीर्य की धृतराष्ट्र और पांडु नामक दो पुत्र उत्पन्न हुए। धृतराष्ट्र जन्मांध थे, अतः राज्यगद्दी पांडु को प्राप्त हुई। धृतराष्ट्र के सौ पुत्र हुए जिनमें __(77)__ सबसे बड़ा था। पांडु के क्रमशः युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव पाँच पुत्र हुए। धृतराष्ट्र के पुत्र __(78)__ तथा पांडु के पुत्र पांडव कहे जाते थे। अर्जुन __(79)__ में, भीम मल्लयुद्ध में अद्वितीय थे। दुर्योधन पांडवों से ईर्ष्या रखता था। भीष्म ने इन राजकुमारों की शिक्षा-दीक्षा का उचित प्रबंध किया था। __(80)__ उनके पितामह लगते थे।
Q178.रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aगौरव
- Bयुद्ध
- Cवंश
- Dकौरव
Show answer
अवधारणा: ‘पांडव’ की तरह वंश-नाम वाला शब्द चाहिए।
हल:
- कुरु वंश के कारण धृतराष्ट्र-पुत्र ‘कौरव’ कहलाते हैं।
- गौरव, युद्ध, वंश समानांतर नाम नहीं हैं।
ट्रिक: पांडु → पांडव, कुरु → कौरव (वंश के आधार पर)।
उत्तर: (D) कौरव
SSC GDHindiCloze – MahabharataSSC GD 2025 · 20 Feb Shift 1
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
महाराज शांतनु का सत्यवती से __(76)__ हुआ और उससे उनके दो पुत्र हुए-चित्रांगद और विचित्रवीर्य। चित्रांगद निःसंतान मरे और विचित्रवीर्य की धृतराष्ट्र और पांडु नामक दो पुत्र उत्पन्न हुए। धृतराष्ट्र जन्मांध थे, अतः राज्यगद्दी पांडु को प्राप्त हुई। धृतराष्ट्र के सौ पुत्र हुए जिनमें __(77)__ सबसे बड़ा था। पांडु के क्रमशः युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव पाँच पुत्र हुए। धृतराष्ट्र के पुत्र __(78)__ तथा पांडु के पुत्र पांडव कहे जाते थे। अर्जुन __(79)__ में, भीम मल्लयुद्ध में अद्वितीय थे। दुर्योधन पांडवों से ईर्ष्या रखता था। भीष्म ने इन राजकुमारों की शिक्षा-दीक्षा का उचित प्रबंध किया था। __(80)__ उनके पितामह लगते थे।
Q179.रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aगदा युद्ध
- Bद्वंद्व युद्ध
- Cतलवारबाजी
- Dधनुर्विद्या
Show answer
अवधारणा: अर्जुन किस विद्या में अद्वितीय थे।
हल:
- अर्जुन श्रेष्ठ धनुर्धर थे (गांडीव धनुष)।
- भीम मल्लयुद्ध व गदा युद्ध में प्रसिद्ध थे, इसलिए (A) अर्जुन के लिए नहीं।
याद रखें: अर्जुन – धनुर्विद्या; भीम – गदा/मल्लयुद्ध; युधिष्ठिर – धर्म; नकुल-सहदेव – अश्व व ज्योतिष विद्या।
उत्तर: (D) धनुर्विद्या
SSC GDHindiCloze – MahabharataSSC GD 2025 · 20 Feb Shift 1
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
महाराज शांतनु का सत्यवती से __(76)__ हुआ और उससे उनके दो पुत्र हुए-चित्रांगद और विचित्रवीर्य। चित्रांगद निःसंतान मरे और विचित्रवीर्य की धृतराष्ट्र और पांडु नामक दो पुत्र उत्पन्न हुए। धृतराष्ट्र जन्मांध थे, अतः राज्यगद्दी पांडु को प्राप्त हुई। धृतराष्ट्र के सौ पुत्र हुए जिनमें __(77)__ सबसे बड़ा था। पांडु के क्रमशः युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव पाँच पुत्र हुए। धृतराष्ट्र के पुत्र __(78)__ तथा पांडु के पुत्र पांडव कहे जाते थे। अर्जुन __(79)__ में, भीम मल्लयुद्ध में अद्वितीय थे। दुर्योधन पांडवों से ईर्ष्या रखता था। भीष्म ने इन राजकुमारों की शिक्षा-दीक्षा का उचित प्रबंध किया था। __(80)__ उनके पितामह लगते थे।
Q180.रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aशांतनु
- Bधृतराष्ट्र
- Cपांडु
- Dभीष्म
Show answer
अवधारणा: राजकुमारों के ‘पितामह’ कौन थे।
हल:
- शिक्षा का प्रबंध भीष्म ने किया था, वही कौरव-पांडवों के पितामह कहलाते थे।
- शांतनु उनके परदादा, धृतराष्ट्र और पांडु उनके पिता थे।
ट्रिक: पिछले वाक्य में ‘भीष्म ने’ आया है – अगला वाक्य उसी व्यक्ति के बारे में है।
उत्तर: (D) भीष्म
SSC GDHindiCloze – MahabharataSSC GD 2025 · 20 Feb Shift 1