- Aनदी सदैव बहती ही रहती है।
- Bमोहिनी की नृत्य अत्यंत ललित है।
- Cमेरी अभिलाषा है कि मेरे जन्मदिन पर आप अवश्य आयें।
- Dआपकी क्षति की पूर्ति कर दी जायेगी।
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अवधारणा: संज्ञा का लिंग देखकर ही का/की/के और क्रिया का रूप तय होता है।
- ‘नृत्य’ पुल्लिंग है (नृत्य होता है, नृत्य अच्छा लगा)।
- इसलिए ‘मोहिनी की नृत्य’ गलत, सही रूप – ‘मोहिनी का नृत्य बहुत ललित है’।
- नदी, अभिलाषा, क्षति – स्त्रीलिंग हैं और उनके साथ क्रियाएँ भी स्त्रीलिंग हैं, अतः बाकी वाक्य ठीक।
याद रखें: ‘-त्य’ अंत वाले संस्कृत शब्द – नृत्य, कृत्य, साहित्य – प्रायः पुल्लिंग होते हैं।
उत्तर: (B) मोहिनी की नृत्य अत्यंत ललित है।
