Question bank

Q&A: practice questions with answers

Search questions on any topic. Filter by exam category, exam, subject and topic, try the question, then open the answer and explanation.

Courses – airGurukul

4,200 questions found.

Q2081.
‘जो विद्यार्थी पास हो गए हों, वे इस कक्षा में बैठ जाएँ।’ ‘पास हो गए हों’ वाक्यांश के स्थान पर उचित शब्द होगा-
  1. Aअसफल
  2. Bकामयाब
  3. Cउत्तीर्ण
  4. Dअनुत्तीर्ण
Show answer

अवधारणा: परीक्षा में सफल होने के लिए मानक शब्द 'उत्तीर्ण' है।

  1. 'पास हो गए हों' = परीक्षा पार कर ली हो → उत्तीर्ण।
  2. असफल, अनुत्तीर्ण उल्टे अर्थ के हैं; 'कामयाब' उर्दू मूल का सामान्य शब्द, परीक्षा-परिणाम का औपचारिक शब्द नहीं।

याद रखें: उत्तीर्ण ↔ अनुत्तीर्ण – विलोम युग्म के रूप में भी पूछा जाता है।

उत्तर: (C) उत्तीर्ण

SSC GDHindiवाक्यांश के लिए एक शब्द – उत्तीर्णSSC GD 2025 · 13 Feb Shift 1 →
Q2082.
‘हाथ के कागज उड़ना।’ मुहावरे में रेखांकित शब्द के स्थान पर उपयुक्त शब्द होगा-
  1. Aबाजू
  2. Bकोने
  3. Cतोते
  4. Dकबूतर
Show answer

अवधारणा: मुहावरे के शब्द निश्चित होते हैं, उन्हें बदला नहीं जा सकता।

  1. शुद्ध रूप: हाथ के तोते उड़ना।
  2. अर्थ: अचानक बुरी खबर से घबरा जाना, होश गुम हो जाना।
  3. उदाहरण: नतीजा देखते ही सोनू के हाथ के तोते उड़ गए।

याद रखें: ऐसे ही: 'चेहरे का रंग उड़ना', 'होश उड़ना' – सब घबराहट के भाव वाले।

उत्तर: (C) तोते

SSC GDHindiमुहावरा – हाथ के तोते उड़नाSSC GD 2025 · 13 Feb Shift 1 →
Q2083.
‘संसार में असंख्य शिशुओं का जन्म प्रतीक्षण होता है।’ उपर्युक्त वाक्य में अशुद्ध शब्द है-
  1. Aअसंख्य
  2. Bशिशुओं
  3. Cजन्म
  4. Dप्रतीक्षण
Show answer

अवधारणा: 'प्रति' उपसर्ग में 'ति' ह्रस्व रहता है।

  1. अर्थ है 'हर क्षण' → प्रति + क्षण = प्रतिक्षण।
  2. 'प्रतीक्षण' (दीर्घ ई) अशुद्ध; दीर्घ 'ई' वाला शब्द 'प्रतीक्षा' (इंतज़ार) अलग है।
  3. असंख्य, शिशुओं, जन्म – सही वर्तनी।

ट्रिक: प्रति + दिन = प्रतिदिन, प्रति + वर्ष = प्रतिवर्ष – 'प्रति' हमेशा छोटी इ।

उत्तर: (D) प्रतीक्षण

SSC GDHindiवर्तनी – प्रतिक्षणSSC GD 2025 · 13 Feb Shift 1 →
Q2084.
‘अनाथ’ शब्द का विलोम क्या होगा?
  1. Aनाथ
  2. Bस्वामी
  3. Cदास
  4. Dसनाथ
Show answer

अवधारणा: 'अ' (रहित) का विलोम 'स' (सहित) उपसर्ग से बनता है।

  1. अनाथ – बिना सहारे/संरक्षक वाला।
  2. उलटा भाव: 'स' जोड़कर सनाथ – जिसे सहारा प्राप्त हो।
  3. नाथ, स्वामी, दास – विलोम युग्म नहीं।

ट्रिक: अ/अन् ↔ स जोड़ी: अनाथ–सनाथ, अजीव–सजीव, अकर्मक–सकर्मक।

उत्तर: (D) सनाथ

SSC GDHindiविलोम – अनाथ / सनाथSSC GD 2025 · 13 Feb Shift 1 →
Q2085.
मयंक ने भाभी के लिए कंकण खरीदे। इस वाक्य में ‘कंकण’ शब्द का तद्भव रूप प्रयुक्त कर वाक्य पूर्ण कीजिए।
  1. Aमयंक ने भाभी के लिए कंगन खरीदे।
  2. Bमयंक ने भाभी के लिए कंचन खरीदे।
  3. Cमयंक ने भाभी के लिए पायल खरीदे।
  4. Dमयंक ने भाभी के लिए कर्णफूल खरीदे।
Show answer

अवधारणा: संस्कृत का मूल रूप तत्सम, बोलचाल में बदला रूप तद्भव।

  1. तत्सम 'कंकण' → तद्भव कंगन (क → ग)।
  2. कंचन का अर्थ स्वर्ण; पायल (पैर) व कर्णफूल (कान) अलग आभूषण।

याद रखें: ऐसे ही: कर्ण → कान, हस्त → हाथ, स्वर्ण → सोना।

उत्तर: (A) मयंक ने भाभी के लिए कंगन खरीदे।

SSC GDHindiतत्सम–तद्भव – कंकण / कंगनSSC GD 2025 · 13 Feb Shift 1 →
Q2086.
‘इच्छा’ शब्द का विलोम क्या होगा?
  1. Aअभिलाषा
  2. Bआराम
  3. Cअनिच्छा
  4. Dलिप्सा
Show answer

अवधारणा: 'अन्' उपसर्ग अभाव बताता है।

  1. अन् + इच्छा = अनिच्छा (चाह न होना)।
  2. अभिलाषा, लिप्सा – पर्यायवाची (जाल वाले विकल्प); आराम – असंबंधित।

ट्रिक: विलोम प्रश्न में पहले पर्यायवाची विकल्प हटाएँ – अक्सर दो विकल्प ऐसे ही होते हैं।

उत्तर: (C) अनिच्छा

SSC GDHindiविलोम – इच्छा / अनिच्छाSSC GD 2025 · 13 Feb Shift 1 →
Q2087.
निम्नलिखित वाक्य के शुद्ध रूप का चयन करें- ‘कृपया हमें उज्जवल भविष्य का आशीर्वाद दें।’
  1. Aकृपया हमें उज्जवल भविष्य का आशीर्वाद दें।
  2. Bकृपया हमें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दें।
  3. Cकृपया हमें उज्जवल भविष्य का आशिर्वाद दें।
  4. Dकृपया हमें उज्जवल भविष्य का आर्शीवाद दें।
Show answer

अवधारणा: दो शब्दों की शुद्ध वर्तनी जाँचनी है।

  1. उत् + ज्वल = उज्ज्वल (ज् + ज्व); 'उज्जवल' अशुद्ध।
  2. शुद्ध: आशीर्वाद – 'शी' दीर्घ, रेफ 'वा' पर; आशिर्वाद, आर्शीवाद अशुद्ध।

ट्रिक: उज्ज्वल में 'ज्व' जोड़ा है, आशीर्वाद में 'र्' वाद के ऊपर – दोनों एक साथ केवल B में।

उत्तर: (B) कृपया हमें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दें।

SSC GDHindiवर्तनी – उज्ज्वल, आशीर्वादSSC GD 2025 · 13 Feb Shift 1 →
Q2088.
‘जिसके हृदय में दया नहीं है’ वाक्यांश के लिए उपयुक्त शब्द होगा-
  1. Aनिर्दय
  2. Bनिर्भीक
  3. Cनिरंकुश
  4. Dनिर्भय
Show answer

अवधारणा: 'निर्' उपसर्ग = रहित।

  1. निर् + दय = निर्दय = दया से रहित।
  2. निर्भीक/निर्भय = भय रहित; निरंकुश = बिना नियंत्रण।

ट्रिक: मूल शब्द देखें: दया → निर्दय, भय → निर्भय, अंकुश → निरंकुश।

उत्तर: (A) निर्दय

SSC GDHindiवाक्यांश के लिए एक शब्द – निर्दयSSC GD 2025 · 13 Feb Shift 1 →
Q2089.
निम्नलिखित वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द चुनिए- जिसकी उत्पत्ति स्वयं हो
  1. Aपरस्वयंभू
  2. Bदुस्स्वयंभू
  3. Cस्वयंभू
  4. Dअस्वयंभू
Show answer

अवधारणा: 'भू' धातु = होना/जन्म लेना।

  1. अपने-आप जन्मा = स्वयंभू।
  2. बाकी तीन विकल्पों में उपसर्ग जोड़कर गढ़े गए शब्द हैं – हिंदी में इनका कोई प्रयोग नहीं।

याद रखें: 'स्वयंभू' ब्रह्मा और शिव के विशेषण के रूप में आता है।

उत्तर: (C) स्वयंभू

SSC GDHindiवाक्यांश के लिए एक शब्द – स्वयंभूSSC GD 2025 · 13 Feb Shift 1 →
Q2090.
निम्नलिखित वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द चुनिए- जिसके हाथ में वीणा हो
  1. Aवीणापाणि
  2. Bपाणिवीणा
  3. Cचक्रपाणि
  4. Dपाणिचक्र
Show answer

अवधारणा: पाणि = हाथ; हाथ में रखी वस्तु पहले लिखी जाती है।

  1. वीणा + पाणि = वीणापाणि (सरस्वती)।
  2. चक्रपाणि = विष्णु (हाथ में चक्र); पाणिवीणा, पाणिचक्र – गलत क्रम।

याद रखें: इसी प्रकार: चक्रपाणि (विष्णु), शूलपाणि (शिव), वज्रपाणि (इंद्र)।

उत्तर: (A) वीणापाणि

SSC GDHindiवाक्यांश के लिए एक शब्द – वीणापाणिSSC GD 2025 · 13 Feb Shift 1 →
Q2091.
निम्न में से किस वाक्य में ‘चेतन’ के सही विलोम शब्द का प्रयोग हुआ है?
  1. Aदूध भी सजीव होते हैं।
  2. Bचालक को सदैव जागरूक रहना चाहिए।
  3. Cदुर्घटना के कुछ समय तक करुणा सचेत अवस्था में था।
  4. Dये सभी जड़ पदार्थ हैं।
Show answer

अवधारणा: चेतन = चेतना वाला; विलोम जड़ = चेतना रहित।

  1. (D) में 'जड़ पदार्थ' – सही विलोम।
  2. सजीव, जागरूक, सचेत – सब 'चेतन' के निकट अर्थ वाले, विलोम नहीं।

याद रखें: जोड़ी याद रखें: चेतन–जड़, सजीव–निर्जीव।

उत्तर: (D) ये सभी जड़ पदार्थ हैं।

SSC GDHindiविलोम – चेतन / जड़SSC GD 2025 · 13 Feb Shift 1 →
Q2092.
रमेश ने गैस के गोदाम पर काम करना शुरू कर दिया है। वाक्य में ‘गैस’ शब्द है।
  1. Aतत्सम
  2. Bतद्भव
  3. Cविदेशी
  4. Dदेशज
Show answer

अवधारणा: स्रोत की दृष्टि से हिंदी शब्दों के चार वर्ग – तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी।

  1. 'गैस' अंग्रेज़ी से बिना बदले हिंदी में आया → विदेशी (आगत)।
  2. तत्सम/तद्भव संस्कृत से जुड़े; देशज स्थानीय बोलियों के।

याद रखें: अन्य अंग्रेज़ी आगत शब्द: बस, स्टेशन, डॉक्टर, रेडियो।

उत्तर: (C) विदेशी

SSC GDHindiशब्द-भेद (स्रोत) – विदेशी शब्दSSC GD 2025 · 13 Feb Shift 1 →
Q2093.
‘मोहन’ शब्द में कौन-सी संज्ञा है?
  1. Aसमूहवाचक
  2. Bजातिवाचक
  3. Cव्यक्तिवाचक
  4. Dभाववाचक
Show answer

अवधारणा: जो संज्ञा एक ख़ास नाम बताए, वह व्यक्तिवाचक।

  1. 'मोहन' किसी एक ही आदमी का नाम → व्यक्तिवाचक।
  2. जातिवाचक – पूरी जाति (लड़का); समूहवाचक – झुंड (भीड़); भाववाचक – गुण/भाव (प्रेम)।

ट्रिक: जो नाम एक ही को बताए = व्यक्तिवाचक; पूरे वर्ग को = जातिवाचक।

उत्तर: (C) व्यक्तिवाचक

SSC GDHindiसंज्ञा – व्यक्तिवाचकSSC GD 2025 · 13 Feb Shift 1 →
Q2094.
निम्नलिखित विकल्पों में से ‘मरण’ शब्द के लिए किस एक वाक्य में उचित विलोम का प्रयोग हुआ है?
  1. Aउसने अपना जीवन अच्छे से जिया है।
  2. Bकिसी पर जरूरत से ज्यादा विश्वास घातक होता है।
  3. Cतुमने किस विषय से स्नातक किया है?
  4. Dउसने सबकी मदद की है।
Show answer

अवधारणा: मरण = मृत्यु; विलोम = जीवन।

  1. (A) में 'जीवन' शब्द आया है – सही विलोम।
  2. घातक (जानलेवा) मरण जैसा ही भाव; स्नातक बस सुनने में मिलता-जुलता; मदद वाले वाक्य में कोई विलोम नहीं।

याद रखें: जोड़ी: जन्म–मरण, जीवन–मरण, अमर–मर्त्य।

उत्तर: (A) उसने अपना जीवन अच्छे से जिया है।

SSC GDHindiविलोम – मरण / जीवनSSC GD 2025 · 13 Feb Shift 1 →
Q2095.
वह घर ____ बाहर आया। रिक्त स्थान के लिए उचित कारक चिह्न है-
  1. Aसे
  2. Bने
  3. Cमें
  4. Dपर
Show answer

अवधारणा: अलग होने का भाव = अपादान कारक, चिह्न 'से'।

  1. घर से बाहर आया – घर से अलगाव।
  2. 'ने' – कर्ता; 'में', 'पर' – अधिकरण (स्थान)।

याद रखें: 'से' दो कारकों का चिह्न है: करण (साधन – कलम से) और अपादान (अलगाव – पेड़ से गिरा)।

उत्तर: (A) से

SSC GDHindiकारक चिह्न – अपादान 'से'SSC GD 2025 · 13 Feb Shift 1 →
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

प्रकृति के इस __(76)__ से पंत प्रारम्भ से ही खिंचते रहे। प्रकृति के स्वतंत्र परन्तु संयत, नियंत्रित, नियमित वातावरण ने ही उनके छंदों और भाषा का __(77)__ करके उनकी कला का भी निर्माण किया है। पंत ने स्वयं लिखा है कि ‘कविता करने की __(78)__ मुझे सबसे पहले प्रकृति निरीक्षण से मिली है, जिसका श्रेय मेरी जन्मभूमि कूर्मांचल प्रदेश को है; कवि जीवन से भी पहले, मुझे याद है, मैं घंटों एकान्त में बैठा, प्राकृतिक दृश्यों को एकटक देखा करता था और कोई अज्ञात आकर्षण मेरे भीतर एक अव्यक्त __(79)__ का जाल बुनकर मेरी चेतना को तन्मय कर देता था।’ प्रकृति से नातृत्व का परिचय स्थापित होने के कारण कवि की दृष्टि __(80)__ नहीं गयी और यही कारण है कि प्रकृति के साथ पंत की रागात्मकता बढ़ जाती है।
Q2096.
रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
  1. Aसौंदर्य
  2. Bआकर्षण
  3. Cलागत
  4. Dमोह
Show answer

अवधारणा: खाली जगह के तुरंत बाद आई क्रिया 'खिंचते रहे' पर ध्यान दें।

  1. खींचने का गुण = आकर्षण → 'आकर्षण से खिंचते रहे'।
  2. सौंदर्य व मोह मिलते-जुलते लगते हैं, लेकिन खिंचाव सीधे 'आकर्षण' से जुड़ता है; लागत बेमेल।

ट्रिक: क्रिया के साथ बैठने वाला शब्द चुनें: आकर्षण → खिंचना।

उत्तर: (B) आकर्षण

SSC GDHindiगद्यांश रिक्त स्थान – आकर्षणSSC GD 2025 · 13 Feb Shift 1 →
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

प्रकृति के इस __(76)__ से पंत प्रारम्भ से ही खिंचते रहे। प्रकृति के स्वतंत्र परन्तु संयत, नियंत्रित, नियमित वातावरण ने ही उनके छंदों और भाषा का __(77)__ करके उनकी कला का भी निर्माण किया है। पंत ने स्वयं लिखा है कि ‘कविता करने की __(78)__ मुझे सबसे पहले प्रकृति निरीक्षण से मिली है, जिसका श्रेय मेरी जन्मभूमि कूर्मांचल प्रदेश को है; कवि जीवन से भी पहले, मुझे याद है, मैं घंटों एकान्त में बैठा, प्राकृतिक दृश्यों को एकटक देखा करता था और कोई अज्ञात आकर्षण मेरे भीतर एक अव्यक्त __(79)__ का जाल बुनकर मेरी चेतना को तन्मय कर देता था।’ प्रकृति से नातृत्व का परिचय स्थापित होने के कारण कवि की दृष्टि __(80)__ नहीं गयी और यही कारण है कि प्रकृति के साथ पंत की रागात्मकता बढ़ जाती है।
Q2097.
रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
  1. Aपरिष्कार
  2. Bनिर्माण
  3. Cशुद्धिकरण
  4. Dआविष्कार
Show answer

अवधारणा: 'भी निर्माण' बताता है कि रिक्त में निर्माण से अलग क्रिया है।

  1. छंद-भाषा पहले से मौजूद थे; प्रकृति ने उन्हें निखारा-सुधारा = परिष्कार।
  2. निर्माण – बाद में 'भी' के साथ आ चुका; शुद्धिकरण – सिर्फ़ गंदगी/दोष दूर करना; आविष्कार – कुछ नया खोजना।

ट्रिक: वाक्य में 'भी' से पता चलता है कि वही शब्द दोबारा नहीं आएगा।

उत्तर: (A) परिष्कार

SSC GDHindiगद्यांश रिक्त स्थान – परिष्कारSSC GD 2025 · 13 Feb Shift 1 →
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

प्रकृति के इस __(76)__ से पंत प्रारम्भ से ही खिंचते रहे। प्रकृति के स्वतंत्र परन्तु संयत, नियंत्रित, नियमित वातावरण ने ही उनके छंदों और भाषा का __(77)__ करके उनकी कला का भी निर्माण किया है। पंत ने स्वयं लिखा है कि ‘कविता करने की __(78)__ मुझे सबसे पहले प्रकृति निरीक्षण से मिली है, जिसका श्रेय मेरी जन्मभूमि कूर्मांचल प्रदेश को है; कवि जीवन से भी पहले, मुझे याद है, मैं घंटों एकान्त में बैठा, प्राकृतिक दृश्यों को एकटक देखा करता था और कोई अज्ञात आकर्षण मेरे भीतर एक अव्यक्त __(79)__ का जाल बुनकर मेरी चेतना को तन्मय कर देता था।’ प्रकृति से नातृत्व का परिचय स्थापित होने के कारण कवि की दृष्टि __(80)__ नहीं गयी और यही कारण है कि प्रकृति के साथ पंत की रागात्मकता बढ़ जाती है।
Q2098.
रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
  1. Aप्रेरणा
  2. Bइच्छा
  3. Cलालसा
  4. Dआदत
Show answer

अवधारणा: बाहरी स्रोत से 'मिलने' वाली चीज़ चाहिए।

  1. कवि को कविता लिखने की प्रेरणा प्रकृति को देखने से प्राप्त हुई – यही अर्थ बनता है।
  2. इच्छा व लालसा मन में उपजती हैं, बाहर से प्राप्त नहीं होतीं; आदत बार-बार करने से पड़ती है।

ट्रिक: 'प्रेरणा मिलना' पक्की जोड़ी है।

उत्तर: (A) प्रेरणा

SSC GDHindiगद्यांश रिक्त स्थान – प्रेरणाSSC GD 2025 · 13 Feb Shift 1 →
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

प्रकृति के इस __(76)__ से पंत प्रारम्भ से ही खिंचते रहे। प्रकृति के स्वतंत्र परन्तु संयत, नियंत्रित, नियमित वातावरण ने ही उनके छंदों और भाषा का __(77)__ करके उनकी कला का भी निर्माण किया है। पंत ने स्वयं लिखा है कि ‘कविता करने की __(78)__ मुझे सबसे पहले प्रकृति निरीक्षण से मिली है, जिसका श्रेय मेरी जन्मभूमि कूर्मांचल प्रदेश को है; कवि जीवन से भी पहले, मुझे याद है, मैं घंटों एकान्त में बैठा, प्राकृतिक दृश्यों को एकटक देखा करता था और कोई अज्ञात आकर्षण मेरे भीतर एक अव्यक्त __(79)__ का जाल बुनकर मेरी चेतना को तन्मय कर देता था।’ प्रकृति से नातृत्व का परिचय स्थापित होने के कारण कवि की दृष्टि __(80)__ नहीं गयी और यही कारण है कि प्रकृति के साथ पंत की रागात्मकता बढ़ जाती है।
Q2099.
रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
  1. Aसौंदर्य
  2. Bरस
  3. Cदृश्य
  4. Dसृष्टि
Show answer

अवधारणा: 'अव्यक्त' (जो कहा न जा सके) के साथ कोई अमूर्त भाव ही बैठेगा।

  1. प्रकृति को एकटक निहारते कवि के मन में जो अनकहा जाल बनता था, वह सौंदर्य का था।
  2. दृश्य, सृष्टि – ठोस, आँखों से दिखने वाले; रस – काव्यशास्त्रीय शब्द, यहाँ बेमेल।

ट्रिक: प्रश्न 96 के विकल्पों में भी 'सौंदर्य' था – गद्यांश प्रकृति-सौंदर्य पर ही केंद्रित है।

उत्तर: (A) सौंदर्य

SSC GDHindiगद्यांश रिक्त स्थान – सौंदर्यSSC GD 2025 · 13 Feb Shift 1 →
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

प्रकृति के इस __(76)__ से पंत प्रारम्भ से ही खिंचते रहे। प्रकृति के स्वतंत्र परन्तु संयत, नियंत्रित, नियमित वातावरण ने ही उनके छंदों और भाषा का __(77)__ करके उनकी कला का भी निर्माण किया है। पंत ने स्वयं लिखा है कि ‘कविता करने की __(78)__ मुझे सबसे पहले प्रकृति निरीक्षण से मिली है, जिसका श्रेय मेरी जन्मभूमि कूर्मांचल प्रदेश को है; कवि जीवन से भी पहले, मुझे याद है, मैं घंटों एकान्त में बैठा, प्राकृतिक दृश्यों को एकटक देखा करता था और कोई अज्ञात आकर्षण मेरे भीतर एक अव्यक्त __(79)__ का जाल बुनकर मेरी चेतना को तन्मय कर देता था।’ प्रकृति से नातृत्व का परिचय स्थापित होने के कारण कवि की दृष्टि __(80)__ नहीं गयी और यही कारण है कि प्रकृति के साथ पंत की रागात्मकता बढ़ जाती है।
Q2100.
रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
  1. Aअसंवेदनशील
  2. Bसंवेदनशील
  3. Cसंवेदित
  4. Dसंविलित
Show answer

अवधारणा: 'नहीं' के साथ ऐसा शब्द चाहिए कि अर्थ सकारात्मक बने।

  1. प्रकृति से माँ जैसा रिश्ता बना, इसलिए कवि का देखना कभी संवेदना-शून्य नहीं रहा → असंवेदनशील + नहीं; इसी कारण प्रकृति से लगाव बढ़ा।
  2. 'संवेदनशील नहीं' लिखने पर अर्थ उलट जाता है; संवेदित, संविलित असंगत।

ट्रिक: दोहरा नकार (अ + नहीं) = सकारात्मक भाव – अगले वाक्यांश से मिलान कर लें।

उत्तर: (A) असंवेदनशील

SSC GDHindiगद्यांश रिक्त स्थान – असंवेदनशीलSSC GD 2025 · 13 Feb Shift 1 →