Q2281.‘तुम्हारा झगड़ा बढ़ता ही जा रहा है इसलिए अब ____ बैठ कर ही बात होगी।’ उचित सार्थक और निरर्थक शब्द-युग्म वाले विकल्प का चयन करके उपरोक्त वाक्य पूर्ण करें-
- Aसामने-सामने
- Bआमने-सामने
- Cऊपर-ऊपर
- Dपीठ-पीछे
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अवधारणा: ऐसा जोड़ा चुनना है जिसमें एक शब्द का अर्थ हो और साथी शब्द अकेले अर्थहीन हो।
- आमने-सामने: 'सामने' अर्थवान है, पर 'आमने' अकेले कुछ नहीं बताता → सार्थक + निरर्थक।
- सामने-सामने, ऊपर-ऊपर = एक ही सार्थक शब्द की पुनरावृत्ति।
- पीठ-पीछे = दोनों शब्द अर्थवान।
- वाक्य में भाव भी 'मुँह के सामने बैठकर बात' का है।
ट्रिक: पहचान: जोड़े का कोई शब्द शब्दकोश में न मिले तो वह निरर्थक भाग है – जैसे पानी-वानी, चाय-वाय, आमने-सामने।
उत्तर: (B) आमने-सामने
Q2282.‘ठाकुर अपने कुएँ पर किसी को पानी नहीं भरने देता था।’ इस वाक्य में प्रयुक्त ‘ठाकुर’ शब्द का अनेकार्थी शब्द निम्न में से कौन-सा है?
- Aराक्षस
- Bईश्वर
- Cपंडित
- Dगधा
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अवधारणा: एक शब्द के प्रसंग बदलने पर कई अर्थ हो सकते हैं।
- वाक्य में ठाकुर = कुएँ का मालिक/ज़मींदार।
- इसी शब्द का दूसरा अर्थ भगवान है – मंदिर में 'ठाकुरजी' की पूजा इसी अर्थ में।
- राक्षस, पंडित, गधा – इनमें से कोई अर्थ 'ठाकुर' का नहीं।
याद रखें: ठाकुर के अर्थ: स्वामी, ज़मींदार, क्षत्रिय, देवता/ईश्वर।
उत्तर: (B) ईश्वर
Q2283.निम्नलिखित वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द चुनिए- अपनों से बड़ों के लिए प्रयुक्त किया जाने वाला सम्मान सूचक शब्द
- Aऋषि
- Bमहोदय
- Cमहात्मा
- Dमुनि
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अवधारणा: बड़ों या आदरणीय व्यक्ति को संबोधित करने वाला आदरसूचक शब्द चाहिए।
- 'महोदय' – सम्मानपूर्वक संबोधन; प्रार्थना-पत्र में 'सेवा में, महोदय' लिखते हैं।
- ऋषि, मुनि, महात्मा – तपस्वी या संत के लिए; हर बड़े व्यक्ति के लिए नहीं।
याद रखें: महा + उदय = महोदय (गुण संधि) – जिसका उदय/पद बड़ा हो।
उत्तर: (B) महोदय
Q2284.‘जो कानून के विरुद्ध हो’ वाक्यांश के लिए उपयुक्त शब्द होगा-
- Aन्याय
- Bनैतिक
- Cअवैध
- Dअपराधी
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अवधारणा: 'अ' उपसर्ग किसी शब्द का उलटा अर्थ बना देता है।
- वैध = कानून सम्मत; अ + वैध = अवैध = कानून-विरुद्ध।
- न्याय = इंसाफ़; नैतिक = नीति-संगत; अपराधी = व्यक्ति, कोई कार्य/वस्तु नहीं।
याद रखें: विधि (कानून) → वैध → अवैध; इसी प्रकार विधिक/अविधिक।
उत्तर: (C) अवैध
Q2285.निम्नलिखित में से किस वाक्य में रेखांकित शब्द पुल्लिंग है?
- Aगंगा में बहुत पानी है।
- Bयह ब्रह्मपुत्र का किनारा है।
- Cझेलम कश्मीर में है।
- Dमहानदी का नाम सुना होगा।
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अवधारणा: हिंदी में अधिकांश नदियाँ स्त्रीलिंग मानी जाती हैं, पर कुछ अपवाद पुल्लिंग हैं।
- गंगा, झेलम, महानदी – स्त्रीलिंग ('बहती है')।
- ब्रह्मपुत्र – पुल्लिंग; इसलिए 'ब्रह्मपुत्र का किनारा' सही है।
याद रखें: पुल्लिंग नदियाँ: ब्रह्मपुत्र, सिंधु, सोन – 'पुत्र' शब्द से ही पुल्लिंग याद रखें।
उत्तर: (B) यह ब्रह्मपुत्र का किनारा है।
Q2286.निम्नलिखित वाक्य के किस खंड में अशुद्धि है? दस रुपया में क्या आता है?
- Aक्या
- Bदस
- Cआता
- Dरुपया
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अवधारणा: एक से अधिक संख्या के बाद आकारांत पुल्लिंग संज्ञा का रूप बहुवचन होता है।
- 'दस' बहुवचन संख्या है, अतः 'रुपया' नहीं, 'रुपये' चाहिए।
- शुद्ध रूप: दस रुपये में …
- क्या, दस, आता – ठीक हैं।
ट्रिक: एक रुपया, दो/दस/सौ रुपये – जैसे एक लड़का, दस लड़के।
उत्तर: (D) रुपया
Q2287.निम्न में किस वाक्य में क्रियाविशेषण शब्द का अशुद्ध प्रयोग हुआ है?
- Aमहँगाई में दिन-रात मेहनत करके ही पेट पाला जा सकता है।
- Bघर-घर में यही कहानी है, कोई मिलकर रहता ही नहीं।
- Cधीरे-धीरे कार्य करने से काम जल्दी पूर्ण हो जाता है।
- Dवह उधार चुकाना नहीं चाहता, तभी कल-परसों करता रहता है।
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अवधारणा: क्रियाविशेषण ऐसा हो जो वाक्य के भाव से मेल खाए, उसे काटे नहीं।
- तीसरे वाक्य में 'धीरे-धीरे' काम करने और 'जल्दी' पूरा होने में विरोध है – तर्कहीन वाक्य।
- दिन-रात (निरंतर), घर-घर (हर जगह), कल-परसों (टालना) – अपने वाक्यों में ठीक बैठते हैं।
ट्रिक: एक वाक्य में दो विरोधी क्रियाविशेषण (धीरे ↔ जल्दी) दिखें तो वही अशुद्ध।
उत्तर: (C) धीरे-धीरे कार्य करने से काम जल्दी पूर्ण हो जाता है।
Q2288.‘स्थिर’ का विलोम शब्द नीचे दिए विकल्पों में से चुनिए-
- Aअवस्थित
- Bस्थित
- Cअचल
- Dचंचल
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अवधारणा: स्थिर = एक जगह टिका, न हिलने वाला।
- इसका उलटा: चंचल = चलायमान, जो टिककर न रहे।
- अचल, स्थित, अवस्थित – सब 'टिके रहने' का भाव देते हैं, विलोम नहीं।
याद रखें: स्थिर का दूसरा विलोम 'अस्थिर' भी है; विकल्प में न हो तो 'चंचल' चुनें।
उत्तर: (D) चंचल
Q2289.‘गुलाब के फूल की _____ सभी के मन को भाती है।’ रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उचित सार्थक शब्द है-
- Aसुगंध
- Bदुर्लभ
- Cबदबू
- Dदुर्गंध
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अवधारणा: 'मन को भाती है' सुखद भाव बताता है, अतः सुखद संज्ञा चाहिए।
- गुलाब की खुशबू ही सबको अच्छी लगती है → सुगंध।
- बदबू, दुर्गंध – अप्रिय, भाव के उलटे।
- दुर्लभ – विशेषण, संज्ञा के स्थान पर नहीं बैठता।
ट्रिक: क्रिया 'भाती है' स्त्रीलिंग है – सुगंध (स्त्री.) से मेल खाता है।
उत्तर: (A) सुगंध
Q2290.निम्नलिखित वाक्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और इसके लिए सार्थक शब्द का चयन करें- अंडे से जन्म लेने वाला
- Aपरजीवी
- Bअंडज
- Cअंबुज
- Dपक्षी
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अवधारणा: '-ज' प्रत्यय = 'से उत्पन्न'।
- अंड + ज = अंडज → अंडे से पैदा होने वाला (पक्षी, साँप, मछली)।
- अंबुज = जल से जन्मा (कमल); परजीवी = दूसरों पर पलने वाला।
- पक्षी तो केवल अंडज का एक उदाहरण है।
याद रखें: इसी तरह: जलज (कमल), पिंडज (स्तनधारी), स्वेदज (जूँ आदि), उद्भिज (पौधे)।
उत्तर: (B) अंडज
Q2291.इनमें से किस वाक्य में त्रुटि नहीं है?
- Aशेर को देख कर उसका प्राण सुख गया।
- Bकोयल का कंठ सबसे मधुरतम है।
- Cमुझे रोटी खाना है।
- Dऐश्वर्य से उन्नति होती है।
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अवधारणा: लिंग, वचन, विशेषण-अवस्था और शब्द-रूप सब ठीक हों, वही शुद्ध वाक्य।
- (a) 'प्राण' सदा बहुवचन व 'सूखना' क्रिया → प्राण सूख गए।
- (b) 'सबसे' के साथ 'मधुरतम' दोहरी अतिशयता → सबसे मधुर।
- (c) रोटी स्त्रीलिंग → 'खानी है'।
- (d) में संज्ञा, कारक व क्रिया सब ठीक – पूर्णतः शुद्ध।
ट्रिक: 'सबसे' + '-तम' एक साथ आए तो वाक्य तुरंत अशुद्ध।
उत्तर: (D) ऐश्वर्य से उन्नति होती है।
Q2292.‘सुकर’ का विलोम है-
- Aदुष्कर
- Bपरिष्कार
- Cदुष्कृत्य
- Dआकार
Show answer
अवधारणा: 'सु' (अच्छा/सरल) और 'दुस्/दुष्' (कठिन/बुरा) विरोधी उपसर्ग हैं।
- सु + कर = सुकर → सहज ही होने वाला।
- दुष् + कर = दुष्कर → बड़ी कठिनाई से होने वाला।
- परिष्कार = सुधार; दुष्कृत्य = बुरा काम; आकार = रूप।
ट्रिक: सुगम ↔ दुर्गम, सुलभ ↔ दुर्लभ, सुकर ↔ दुष्कर – एक ही पैटर्न।
उत्तर: (A) दुष्कर
Q2293.वायु प्रवाह में नौका तेजी से चल रही थी। वाक्य के भावानुसार विपरीतार्थक शब्द है-
- Aप्रतिकूल
- Bअनुरूप
- Cअनुकूल
- Dमनोकूल
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अवधारणा: पहले वाक्य में छिपा भाव पहचानें, फिर उसका विपरीत शब्द।
- नाव तेज़ चल रही है → हवा उसके साथ है = अनुकूल।
- उलटा भाव = प्रतिकूल (विरुद्ध दिशा वाली हवा)।
- अनुरूप, मनोकूल भी साथ देने का अर्थ रखते हैं।
ट्रिक: अनु- (साथ) ↔ प्रति- (विरुद्ध): अनुकूल ↔ प्रतिकूल।
उत्तर: (A) प्रतिकूल
Q2294.निम्नलिखित वाक्य में अशुद्ध शब्द है- वह पेड़ पर नीचे गिरा।
- Aनीचे
- Bगिरा
- Cपर
- Dपेड़
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अवधारणा: किसी वस्तु से अलग होने का भाव अपादान कारक 'से' से आता है।
- गिरने में व्यक्ति पेड़ से अलग होता है, अतः 'पर' (अधिकरण) गलत।
- सही: वह पेड़ से नीचे गिरा।
ट्रिक: अलग होना, गिरना, डरना, निकलना – इनके साथ 'से' (अपादान)।
उत्तर: (C) पर
Q2295.‘उँगली पकड़ कर माथा पकड़ना।’ मुहावरे में रेखांकित शब्द के स्थान पर उपयुक्त शब्द होगा-
- Aगला
- Bसिर
- Cपहुँचा
- Dपैर
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अवधारणा: मुहावरे के शब्द निश्चित होते हैं, उन्हें बदला नहीं जाता।
- सही मुहावरा: उँगली पकड़कर पहुँचा पकड़ना।
- अर्थ: थोड़ा सहारा मिलते ही ज़्यादा हक जताने लगना।
- पहुँचा = हथेली के पास का कलाई वाला हिस्सा।
याद रखें: उँगली से आगे हाथ का अगला भाग = पहुँचा; अतः क्रम से याद रहे।
उत्तर: (C) पहुँचा
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
इधर कुछ वर्षों से __(76)__ में भी एक खास ठहराव __(76)__ आने लगा है। संवेदना और __(77)__ से लेकर जब उनके प्रति आग्रह और ट्रीटमेंट, भाषा और शैली सभी में एकसमान और एकरसता आने लगती है, तो विधा की अपनी __(77)__ या सार्थकता समाप्ति पर आ जाती है। लगता है आज कहानी, एक ही __(78)__ में एक ही मुहावरा दुहराने लगी है और एक __(78)__ को दूसरी से अलग कर सकना कठिन हो गया है। कहानी जिन प्रतिभाओं के सहयोग से समृद्ध हुई है, वे या तो __(79)__ करके चुप हो गई हैं या लिखते रहने के __(79)__ उनकी चुप्पी मुखर है। किन्हीं एक-दो के साथ हुई घटना को व्यक्तिगत संकट, सामर्थ्य-रिक्तता या प्रतिभा का अक्षम हो जाना कह सकते हैं; लेकिन जब वही घटना __(80)__ रूप में अनेक जगह दुहराई जाए, तो उसे प्रवृत्ति ही मानना होगा, उसके कारण __(80)__ में नहीं समाज में देखने होंगे।
Q2296.रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aकिरण/प्रकाश
- Bकहानी/नजर
- Cमानव/खाना
- Dअकथ/गद्य
Show answer
अवधारणा: गद्यांश का विषय और पीछे-आगे के शब्द देखकर जोड़ी चुनें।
- पूरा अंश कहानी-विधा के ठहराव पर है → पहला शब्द कहानी।
- '… आने लगा है' के साथ 'नजर आना' (दिखाई देना) बनता है → नजर।
ट्रिक: गद्यांश में बार-बार आने वाला शब्द ('कहानी') अक्सर पहले रिक्त का उत्तर होता है।
उत्तर: (B) कहानी/नजर
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
इधर कुछ वर्षों से __(76)__ में भी एक खास ठहराव __(76)__ आने लगा है। संवेदना और __(77)__ से लेकर जब उनके प्रति आग्रह और ट्रीटमेंट, भाषा और शैली सभी में एकसमान और एकरसता आने लगती है, तो विधा की अपनी __(77)__ या सार्थकता समाप्ति पर आ जाती है। लगता है आज कहानी, एक ही __(78)__ में एक ही मुहावरा दुहराने लगी है और एक __(78)__ को दूसरी से अलग कर सकना कठिन हो गया है। कहानी जिन प्रतिभाओं के सहयोग से समृद्ध हुई है, वे या तो __(79)__ करके चुप हो गई हैं या लिखते रहने के __(79)__ उनकी चुप्पी मुखर है। किन्हीं एक-दो के साथ हुई घटना को व्यक्तिगत संकट, सामर्थ्य-रिक्तता या प्रतिभा का अक्षम हो जाना कह सकते हैं; लेकिन जब वही घटना __(80)__ रूप में अनेक जगह दुहराई जाए, तो उसे प्रवृत्ति ही मानना होगा, उसके कारण __(80)__ में नहीं समाज में देखने होंगे।
Q2297.रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aअनुभवों/प्रासंगिकता
- Bइबादत/काम
- Cसहयोग/परोपकार
- Dकृपा/अहसान
Show answer
अवधारणा: व्याकरणिक रूप (वचन) और साथ आए शब्द से मेल देखें।
- 'संवेदना और ___' के बाद 'उनके' आता है → बहुवचन संज्ञा: अनुभवों।
- 'अपनी ___ या सार्थकता' → सार्थकता से मेल खाता शब्द प्रासंगिकता (relevance)।
ट्रिक: 'या' से जुड़े दो शब्द समान अर्थ-क्षेत्र के होते हैं: प्रासंगिकता ≈ सार्थकता।
उत्तर: (A) अनुभवों/प्रासंगिकता
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
इधर कुछ वर्षों से __(76)__ में भी एक खास ठहराव __(76)__ आने लगा है। संवेदना और __(77)__ से लेकर जब उनके प्रति आग्रह और ट्रीटमेंट, भाषा और शैली सभी में एकसमान और एकरसता आने लगती है, तो विधा की अपनी __(77)__ या सार्थकता समाप्ति पर आ जाती है। लगता है आज कहानी, एक ही __(78)__ में एक ही मुहावरा दुहराने लगी है और एक __(78)__ को दूसरी से अलग कर सकना कठिन हो गया है। कहानी जिन प्रतिभाओं के सहयोग से समृद्ध हुई है, वे या तो __(79)__ करके चुप हो गई हैं या लिखते रहने के __(79)__ उनकी चुप्पी मुखर है। किन्हीं एक-दो के साथ हुई घटना को व्यक्तिगत संकट, सामर्थ्य-रिक्तता या प्रतिभा का अक्षम हो जाना कह सकते हैं; लेकिन जब वही घटना __(80)__ रूप में अनेक जगह दुहराई जाए, तो उसे प्रवृत्ति ही मानना होगा, उसके कारण __(80)__ में नहीं समाज में देखने होंगे।
Q2298.रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aनफरत/पारिवारिक
- Bप्रयोग/सृजन
- Cभाषा/कहानी
- Dक्रियान्वयन/वस्तुस्थिति
Show answer
अवधारणा: पहले रिक्त का अर्थ और दूसरे रिक्त का लिंग देखें।
- मुहावरा दोहराया जाता है किसी भाषा में।
- 'एक ___ को दूसरी से' – 'दूसरी' स्त्रीलिंग है → कहानी।
ट्रिक: 'दूसरी' जैसा स्त्रीलिंग शब्द रिक्त के बाद हो तो विकल्पों में स्त्रीलिंग संज्ञा खोजें।
उत्तर: (C) भाषा/कहानी
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
इधर कुछ वर्षों से __(76)__ में भी एक खास ठहराव __(76)__ आने लगा है। संवेदना और __(77)__ से लेकर जब उनके प्रति आग्रह और ट्रीटमेंट, भाषा और शैली सभी में एकसमान और एकरसता आने लगती है, तो विधा की अपनी __(77)__ या सार्थकता समाप्ति पर आ जाती है। लगता है आज कहानी, एक ही __(78)__ में एक ही मुहावरा दुहराने लगी है और एक __(78)__ को दूसरी से अलग कर सकना कठिन हो गया है। कहानी जिन प्रतिभाओं के सहयोग से समृद्ध हुई है, वे या तो __(79)__ करके चुप हो गई हैं या लिखते रहने के __(79)__ उनकी चुप्पी मुखर है। किन्हीं एक-दो के साथ हुई घटना को व्यक्तिगत संकट, सामर्थ्य-रिक्तता या प्रतिभा का अक्षम हो जाना कह सकते हैं; लेकिन जब वही घटना __(80)__ रूप में अनेक जगह दुहराई जाए, तो उसे प्रवृत्ति ही मानना होगा, उसके कारण __(80)__ में नहीं समाज में देखने होंगे।
Q2299.रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aएक-एक/बावजूद
- Bसमय-सीमा/जगत
- Cसमय/काल
- Dनिरन्तर/बाद
Show answer
अवधारणा: वाक्य का भाव (क्रम और विरोध) पहचानें।
- प्रतिभाएँ क्रम से मौन हुईं → एक-एक करके।
- लिखते रहने पर भी चुप्पी – विरोध का भाव → के बावजूद।
- 'के बाद' केवल समय-क्रम बताता है, विरोध नहीं।
ट्रिक: '…के ___ भी/फिर भी' जैसा उलटा भाव = बावजूद।
उत्तर: (A) एक-एक/बावजूद
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
इधर कुछ वर्षों से __(76)__ में भी एक खास ठहराव __(76)__ आने लगा है। संवेदना और __(77)__ से लेकर जब उनके प्रति आग्रह और ट्रीटमेंट, भाषा और शैली सभी में एकसमान और एकरसता आने लगती है, तो विधा की अपनी __(77)__ या सार्थकता समाप्ति पर आ जाती है। लगता है आज कहानी, एक ही __(78)__ में एक ही मुहावरा दुहराने लगी है और एक __(78)__ को दूसरी से अलग कर सकना कठिन हो गया है। कहानी जिन प्रतिभाओं के सहयोग से समृद्ध हुई है, वे या तो __(79)__ करके चुप हो गई हैं या लिखते रहने के __(79)__ उनकी चुप्पी मुखर है। किन्हीं एक-दो के साथ हुई घटना को व्यक्तिगत संकट, सामर्थ्य-रिक्तता या प्रतिभा का अक्षम हो जाना कह सकते हैं; लेकिन जब वही घटना __(80)__ रूप में अनेक जगह दुहराई जाए, तो उसे प्रवृत्ति ही मानना होगा, उसके कारण __(80)__ में नहीं समाज में देखने होंगे।
Q2300.रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aकिसी-न-किसी/साहित्य या लेखक
- Bसत्यवादी-असत्यवादी/समय-चक्र
- Cयुग-युग/देशकाल-वातावरण
- Dविवाद-परेशानी/कारण-अकारण
Show answer
अवधारणा: दूसरे रिक्त का शब्द 'समाज' के विरोध में होना चाहिए।
- घटना अलग-अलग रूपों में दोहराई जा रही है → किसी-न-किसी रूप में।
- कारण लेखन-जगत में नहीं, समाज में → साहित्य या लेखक।
ट्रिक: 'X में नहीं, Y में' ढाँचे में X और Y विरोधी पक्ष होते हैं – यहाँ साहित्य बनाम समाज।
उत्तर: (A) किसी-न-किसी/साहित्य या लेखक