Q281.इनमें से किस वाक्य में त्रुटि नहीं है?
- Aवह मुझे बुलाया है।
- Bयह दायित्व आप पर निर्भर है।
- Cयह निबंध मैं लिखा हूँ।
- Dवह रोटी खाया।
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अवधारणा: भूतकाल में जब क्रिया कर्म लेती है (खाया, लिखा, बुलाया), तब कर्ता पर 'ने' लगता है।
- (a) 'वह मुझे बुलाया' → 'उसने मुझे बुलाया है'।
- (c) 'मैं लिखा हूँ' → 'मैंने लिखा है'; (d) 'वह रोटी खाया' → 'उसने रोटी खाई'।
- (b) में 'निर्भर है' वर्तमान की स्थिति है, यहाँ 'ने' का प्रश्न ही नहीं — वाक्य निर्दोष।
ट्रिक: 'ने' जाँचने के लिए क्रिया का रूप देखें: '-आ/-ई/-ए' वाला भूतकालिक सकर्मक रूप हो तो कर्ता के साथ 'ने' अनिवार्य।
उत्तर: (B) (b) वाला वाक्य — दायित्व … निर्भर है
Q282.मैदान, तीन, बच्चा और खेलना शब्दों के आधार पर सही वाक्य होगा-
- Aमैदान में तीन बच्चे गेंद खेल रहे हैं।
- Bमैदान में तीन बच्चा गेंद खेल रही है।
- Cमैदान में तीन बच्चा गेंद खेल रहे हैं।
- Dमैदान में तीन बच्चे गेंद खेल रहा है।
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अवधारणा: संख्या एक से अधिक हो तो संज्ञा व क्रिया दोनों बहुवचन।
- 'तीन' के कारण 'बच्चा' → 'बच्चे'।
- बहुवचन पुल्लिंग कर्ता → क्रिया 'खेल रहे हैं'।
- शुद्ध वाक्य: मैदान में तीन बच्चे गेंद खेल रहे हैं।
ट्रिक: पहले संज्ञा का रूप देखें ('बच्चे'), फिर क्रिया ('रहे हैं') — दोनों शर्तें केवल (a) पूरी करता है।
उत्तर: (A) मैदान में तीन बच्चे गेंद खेल रहे हैं।
Q283.दिए गए वाक्य में त्रुटियाँ पहचानें और वाक्य शुद्ध करके उत्तर के रूप में सही विकल्प चुनें-
लड़का खाना खाते हैं।
- Aलड़के खाना खाते हैं।
- Bलड़का खाना ही खाते हैं।
- Cलड़के खाना ही खाते हैं।
- Dलड़का खाना खाता है।
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अवधारणा: क्रिया का वचन व लिंग कर्ता के अनुसार होता है (कर्ता बिना परसर्ग हो तो)।
- 'लड़का' अकेला (एकवचन) है, पर 'खाते हैं' बहुवचन रूप है — मेल नहीं।
- शुद्धि में कर्ता को वैसा ही रखकर क्रिया बदलें: 'खाता है'।
- 'ही' जोड़ना अर्थ बदलता है, शुद्धि नहीं।
ट्रिक: वाक्य शुद्धि में मूल कर्ता न बदलें — क्रिया को कर्ता के अनुरूप करें।
उत्तर: (D) लड़का खाना खाता है।
Q284.निम्नलिखित वाक्यांश के लिए उपयुक्त सार्थक शब्द है-
अपने स्वार्थ के लिए किसी का गुणगान करने वाला
- Aस्वार्थी
- Bचाटुकार
- Cसमझदार
- Dचालक
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अवधारणा: स्वार्थवश झूठी प्रशंसा करने वाला = चाटुकार।
- चाटुकार = खुशामदी, जी-हुज़ूरी करने वाला।
- 'स्वार्थी' में केवल अपना हित है, प्रशंसा का भाव नहीं।
- 'समझदार' = बुद्धिमान; 'चालक' = चलाने वाला।
याद रखें: चाटुकार के पर्याय: खुशामदी, चापलूस, जी-हुज़ूरिया।
उत्तर: (B) चाटुकार
Q285.रिक्त स्थान की पूर्ति सार्थक शब्द-युग्म से करें-
हिसाब-किताब नहीं रखने पर ____ का पता नहीं चलता।
- Aआय-व्यय
- Bकुचा-मुचा
- Cदना-दन
- Dअंड-बंड
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अवधारणा: हिसाब-किताब से जुड़ा सार्थक युग्म चाहिए।
- आय = कमाई, व्यय = ख़र्च — दोनों सार्थक, विपरीतार्थक युग्म।
- हिसाब न रखने पर आय-व्यय का पता नहीं चलता।
- बाकी विकल्प ध्वन्यात्मक या निरर्थक युग्म हैं।
याद रखें: ऐसे विलोम युग्म: लाभ-हानि, जय-पराजय, आय-व्यय, यश-अपयश।
उत्तर: (A) आय-व्यय
Q286.निम्न में से किस वाक्य में ‘जटिल’ के सही विलोम शब्द का प्रयोग हुआ है?
- Aसरल वाक्य की क्या परिभाषा है?
- Bउसने अनेक विषम परिस्थितियों का सामना किया।
- Cसुधा के सामने यह बहुत बड़ी मुश्किल थी।
- Dरजत के लिए वह कविता अत्यंत क्लिष्ट है।
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अवधारणा: जटिल = उलझा हुआ, कठिन; विलोम = सरल।
- केवल पहले वाक्य में 'सरल' प्रयुक्त है।
- विषम, मुश्किल, क्लिष्ट — ये सब 'जटिल' के समान अर्थ वाले हैं।
ट्रिक: तीन विकल्प एक ही भाव (कठिनाई) वाले हों तो अलग भाव वाला ही उत्तर है।
उत्तर: (A) पहला वाक्य, जिसमें 'सरल' शब्द है
Q287.शब्द या वाक्य-खंड बदलें और उत्तर के रूप में सही विकल्प चुनें-
घर की औरतों ने दूल्हे को बड़े ध्यान से देखी।
- Aघर की औरतों ने दूल्हा को बड़े ध्यान से देखा।
- Bघर की औरतों ने दुल्हें को बहुत ध्यानपूर्वक देखा।
- Cघर की औरतों ने दूल्हा राजा को बड़े ध्यान से देखा।
- Dघर की औरतों ने दूल्हे को बड़े ध्यान से देखा।
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अवधारणा: कर्ता के साथ 'ने' और कर्म के साथ 'को' हो, तो क्रिया पुल्लिंग एकवचन रहती है।
- 'औरतों ने' + 'दूल्हे को' → क्रिया 'देखी' नहीं, 'देखा'।
- परसर्ग 'को' जुड़ने पर आकारांत शब्द एकारांत बनता है, अतः (a), (c) का रूप ग़लत।
- (b) में शब्द की मात्राएँ ही बिगड़ी हैं।
ट्रिक: 'ने' + 'को' दोनों दिखें → क्रिया सीधे '-आ' रूप (देखा, बुलाया, पढ़ाया)।
उत्तर: (D) (d) वाला वाक्य, जिसमें क्रिया 'देखा' है
Q288.निम्नलिखित में से किस वाक्य का कर्ता एक नित्य पुल्लिंग शब्द नहीं है?
- Aआप तो महान दाता हैं।
- Bखरगोश का सफेद रंग सुंदर है।
- Cबिच्छू सदैव काट ही लेता है।
- Dकछुआ बहुत शर्मीला जानवर है।
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अवधारणा: नित्य पुल्लिंग: कुछ जीवों के नाम सदा पुल्लिंग में बोले जाते हैं, चाहे जीव नर हो या मादा।
- खरगोश, बिच्छू, कछुआ — इसी श्रेणी के शब्द।
- 'आप' संज्ञा नहीं, आदरसूचक सर्वनाम है; किसी भी लिंग के व्यक्ति के लिए — इसलिए इस श्रेणी से बाहर।
याद रखें: नित्य पुल्लिंग: खरगोश, कछुआ, उल्लू, मच्छर, भेड़िया; नित्य स्त्रीलिंग: मछली, कोयल, मैना, छिपकली।
उत्तर: (A) आप तो महान दाता हैं।
Q289.‘जब भी कोई काम की बात शुरू होती है, सोहन अपनी अलग यास घोलने लगता है; उससे कुछ भी कहना बेकार है।’ रेखांकित असंगत भाग के लिए उचित मुहावरे का चयन कीजिए।
- Aडेढ़ चावल की खिचड़ी पकाना
- Bचार चाँद लगाना
- Cखूँटे के बल कूदना
- Dगिरगिट की तरह रंग बदलना
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अवधारणा: सबसे अलग अपनी राय या ढंग चलाने का भाव बताने वाला मुहावरा चुनना है।
- रेखांकित भाव: सोहन सबसे अलग बात करता है, किसी से तालमेल नहीं।
- विकल्प (a) का मुहावरा ठीक यही अर्थ देता है।
- (b) का अर्थ सुंदरता बढ़ाना है, (d) का अर्थ बात से पलटते रहना — प्रसंग से मेल नहीं।
याद रखें: इसी अर्थ का दूसरा मुहावरा: 'अपनी ढपली अपना राग'।
उत्तर: (A) डेढ़ चावल की खिचड़ी पकाना
Q290.निम्नलिखित में से ‘रुष्ट’ का विलोम शब्द है-
- Aदुष्ट
- Bपुष्ट
- Cताप्त
- Dतुष्ट
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अवधारणा: रुष्ट = नाराज़; विलोम = तुष्ट (संतुष्ट, प्रसन्न)।
- रुष्ट ↔ तुष्ट।
- दुष्ट, पुष्ट — केवल तुक मिलते हैं, अर्थ विपरीत नहीं।
ट्रिक: तुकांत विकल्पों में से वही चुनें जिसका अर्थ उल्टा हो — 'रुष्ट-तुष्ट' जोड़ी याद रखें।
उत्तर: (D) तुष्ट
Q291.आज आपका चेहरा प्रफुल्ल दिखता है। रेखांकित पद का विलोम बताइए।
- Aअनमना
- Bदुःखी
- Cम्लान
- Dआकर्षक
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अवधारणा: प्रफुल्ल = खिला हुआ; विलोम = म्लान (मुरझाया)।
- प्रफुल्ल चेहरा ↔ म्लान चेहरा।
- अनमना व दुःखी निकट भाव हैं, मानक विलोम नहीं; आकर्षक बिल्कुल नहीं।
ट्रिक: फूल की तरह सोचें: खिला (प्रफुल्ल) ↔ कुम्हलाया (म्लान)।
उत्तर: (C) म्लान
Q292.उपयुक्त तत्सम शब्द चुनकर निम्न वाक्य पूर्ण करें-
इनके मस्तिष्क में तो ____ भरा है।
- Aबुस
- Bभूसा
- Cभूसैल
- Dभूस
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अवधारणा: तत्सम = संस्कृत का मूल रूप; तद्भव = बदला हुआ हिंदी रूप।
- 'भूसा' और 'भूस' तद्भव रूप हैं।
- इनका तत्सम रूप 'बुस' है।
- 'भूसैल' कोई मानक शब्द नहीं।
याद रखें: कुछ और जोड़े: घी ← घृत, दूध ← दुग्ध, आग ← अग्नि।
उत्तर: (A) बुस
Q293.वर्तनी की दृष्टि से अशुद्ध वाक्य की पहचान कीजिए।
- Aहमें उन्नति करनी चाहिए।
- Bउसे क्षमा कर दो।
- Cइमारत बहुत ऊँची है।
- Dइन तलाब में मछली है।
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अवधारणा: शब्दों की मात्रा जाँचें।
- उन्नति, क्षमा, ऊँची — सही वर्तनी।
- 'तलाब' अशुद्ध; शुद्ध 'तालाब' (त पर आ की मात्रा)।
- शुद्ध वाक्य: इस तालाब में मछली है।
ट्रिक: (d) में 'इन तलाब' भी अटपटा है — एक ही वाक्य में दो दोष, तुरंत पहचान।
उत्तर: (D) इन तलाब में मछली है।
Q294.निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित खंड के स्थान पर प्रयुक्त होने वाला सबसे उपयुक्त विकल्प चुनकर कीजिए-
यह नियम व्यक्ति के लिए प्रत्येक लागू है।
- Aप्रत्येक व्यक्ति के लिए
- Bव्यक्ति प्रत्येक के लिए
- Cप्रत्येक के लिए व्यक्ति
- Dप्रत्येक व्यक्ति के सामने
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अवधारणा: हिंदी पदक्रम: गुण बताने वाला शब्द (विशेषण) संज्ञा के आगे लगता है।
- 'प्रत्येक' विशेषण है, 'व्यक्ति' संज्ञा — क्रम उलटना होगा।
- (b), (c) में क्रम अब भी ग़लत; (d) में 'सामने' से अर्थ बदल जाता है।
ट्रिक: पदक्रम: कर्ता → कर्म → क्रिया; विशेषण सदा संज्ञा से ठीक पहले।
उत्तर: (A) (a) वाला क्रम — पहले 'प्रत्येक', फिर 'व्यक्ति'
Q295.‘परकीय’ शब्द का विलोम पहचानिए।
- Aपूरक
- Bपाठकीय
- Cस्वकीय
- Dसम्यक
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अवधारणा: पर (दूसरा) ↔ स्व (अपना)।
- परकीय = पराया; विलोम = स्वकीय (अपना)।
- पूरक, पाठकीय, सम्यक का विपरीत संबंध नहीं।
ट्रिक: 'पर' को 'स्व' से बदलें: परतंत्र-स्वतंत्र, परदेश-स्वदेश, परकीय-स्वकीय।
उत्तर: (C) स्वकीय
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
राष्ट्रभाषा से यह अभिप्राय है कि वह अंतरप्रांतीय व्यापार और __(76)__ व्यवहार में सभी प्रांतों में रहनेवालों द्वारा बरती जाए और बदरीनाथ से रामेश्वर तक तथा अमृतसर से कटक तक सभी स्थानों में परस्पर बातचीत करने और __(77)__ में काम लाई जाए। राष्ट्रभाषा होने की आधिकारिक योग्यता हिंदी में आनी और लानी चाहिए। आज के युग में जब वैज्ञानिक आविष्कार के कारण दुनिया से स्थान और समय की दूरी समाप्त होती जा रही है, कोई भी भाषा दूसरी भाषा के संपर्क से अपने को __(78)__ नहीं रख सकती। हिंदी का यह एक विशेष गुण है कि उसने हिंदुओं की भाषा होते हुए भी अरबी, फारसी, अंग्रेजी इत्यादि के शब्दों को अच्छी तरह समाया। __(79)__ की नीति तो वह कदापि स्वीकार नहीं कर सकती और न विदेशी शब्दों को ही बाहर रखकर वह अपनी उन्नति कर सकती है। हिंदुस्तान में हिंदू, मुसलमान, ईसाई, सिख इत्यादि सभी बसते हैं, तो भी वह __(80)__ है। इसी प्रकार यदि हम सभी भाषाओं से उत्तम और आवश्यक शब्द लेंगे, तो भी हिंदी ही रहेगी।
Q296.रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aसार्विक
- Bसार्वत्रिक
- Cसार्वलौकिक
- Dसार्वजनिक
Show answer
अवधारणा: 'व्यवहार' के साथ स्वाभाविक विशेषण चाहिए।
- राष्ट्रभाषा सब लोगों के बीच काम आए — 'सार्वजनिक व्यवहार'।
- सार्वजनिक = जो आम जनता का हो, सबके लिए खुला।
- अन्य तीन शब्द 'व्यवहार' के साथ जोड़े नहीं जाते।
याद रखें: 'सार्वजनिक' के साथ आम पदबंध: सार्वजनिक स्थल, सार्वजनिक क्षेत्र, सार्वजनिक जीवन।
उत्तर: (D) सार्वजनिक
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
राष्ट्रभाषा से यह अभिप्राय है कि वह अंतरप्रांतीय व्यापार और __(76)__ व्यवहार में सभी प्रांतों में रहनेवालों द्वारा बरती जाए और बदरीनाथ से रामेश्वर तक तथा अमृतसर से कटक तक सभी स्थानों में परस्पर बातचीत करने और __(77)__ में काम लाई जाए। राष्ट्रभाषा होने की आधिकारिक योग्यता हिंदी में आनी और लानी चाहिए। आज के युग में जब वैज्ञानिक आविष्कार के कारण दुनिया से स्थान और समय की दूरी समाप्त होती जा रही है, कोई भी भाषा दूसरी भाषा के संपर्क से अपने को __(78)__ नहीं रख सकती। हिंदी का यह एक विशेष गुण है कि उसने हिंदुओं की भाषा होते हुए भी अरबी, फारसी, अंग्रेजी इत्यादि के शब्दों को अच्छी तरह समाया। __(79)__ की नीति तो वह कदापि स्वीकार नहीं कर सकती और न विदेशी शब्दों को ही बाहर रखकर वह अपनी उन्नति कर सकती है। हिंदुस्तान में हिंदू, मुसलमान, ईसाई, सिख इत्यादि सभी बसते हैं, तो भी वह __(80)__ है। इसी प्रकार यदि हम सभी भाषाओं से उत्तम और आवश्यक शब्द लेंगे, तो भी हिंदी ही रहेगी।
Q297.रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aविचार-विनिमय
- Bविचार-कम
- Cविचार-विज
- Dविचार-स्वतंत्र
Show answer
अवधारणा: 'बातचीत करने और ___ में' — बातचीत का सहयोगी भाव चाहिए।
- इसका अर्थ है आपस में विचार बाँटना — बातचीत का साथी भाव।
- (b), (c) गढ़े हुए निरर्थक शब्द हैं; (d) वाक्य-रचना में फिट नहीं।
याद रखें: विनिमय = अदला-बदली (जैसे 'मुद्रा विनिमय')।
उत्तर: (A) विचार-विनिमय
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
राष्ट्रभाषा से यह अभिप्राय है कि वह अंतरप्रांतीय व्यापार और __(76)__ व्यवहार में सभी प्रांतों में रहनेवालों द्वारा बरती जाए और बदरीनाथ से रामेश्वर तक तथा अमृतसर से कटक तक सभी स्थानों में परस्पर बातचीत करने और __(77)__ में काम लाई जाए। राष्ट्रभाषा होने की आधिकारिक योग्यता हिंदी में आनी और लानी चाहिए। आज के युग में जब वैज्ञानिक आविष्कार के कारण दुनिया से स्थान और समय की दूरी समाप्त होती जा रही है, कोई भी भाषा दूसरी भाषा के संपर्क से अपने को __(78)__ नहीं रख सकती। हिंदी का यह एक विशेष गुण है कि उसने हिंदुओं की भाषा होते हुए भी अरबी, फारसी, अंग्रेजी इत्यादि के शब्दों को अच्छी तरह समाया। __(79)__ की नीति तो वह कदापि स्वीकार नहीं कर सकती और न विदेशी शब्दों को ही बाहर रखकर वह अपनी उन्नति कर सकती है। हिंदुस्तान में हिंदू, मुसलमान, ईसाई, सिख इत्यादि सभी बसते हैं, तो भी वह __(80)__ है। इसी प्रकार यदि हम सभी भाषाओं से उत्तम और आवश्यक शब्द लेंगे, तो भी हिंदी ही रहेगी।
Q298.रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aअच्छोह
- Bअछूता
- Cआतिथि
- Dअचूक
Show answer
अवधारणा: 'अपने को ___ नहीं रख सकती' — प्रभाव से बचे रहने का भाव।
- अछूता = जिसे छुआ न गया हो, अप्रभावित।
- संपर्क के युग में कोई भाषा अछूती नहीं रह सकती।
- अचूक = न चूकने वाला; अन्य दो निरर्थक।
ट्रिक: 'संपर्क' शब्द ही संकेत है — संपर्क का उल्टा 'अछूता'।
उत्तर: (B) अछूता
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
राष्ट्रभाषा से यह अभिप्राय है कि वह अंतरप्रांतीय व्यापार और __(76)__ व्यवहार में सभी प्रांतों में रहनेवालों द्वारा बरती जाए और बदरीनाथ से रामेश्वर तक तथा अमृतसर से कटक तक सभी स्थानों में परस्पर बातचीत करने और __(77)__ में काम लाई जाए। राष्ट्रभाषा होने की आधिकारिक योग्यता हिंदी में आनी और लानी चाहिए। आज के युग में जब वैज्ञानिक आविष्कार के कारण दुनिया से स्थान और समय की दूरी समाप्त होती जा रही है, कोई भी भाषा दूसरी भाषा के संपर्क से अपने को __(78)__ नहीं रख सकती। हिंदी का यह एक विशेष गुण है कि उसने हिंदुओं की भाषा होते हुए भी अरबी, फारसी, अंग्रेजी इत्यादि के शब्दों को अच्छी तरह समाया। __(79)__ की नीति तो वह कदापि स्वीकार नहीं कर सकती और न विदेशी शब्दों को ही बाहर रखकर वह अपनी उन्नति कर सकती है। हिंदुस्तान में हिंदू, मुसलमान, ईसाई, सिख इत्यादि सभी बसते हैं, तो भी वह __(80)__ है। इसी प्रकार यदि हम सभी भाषाओं से उत्तम और आवश्यक शब्द लेंगे, तो भी हिंदी ही रहेगी।
Q299.रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aबधियाना
- Bबहिष्कार
- Cबहिश्चर
- Dबौहानाप
Show answer
अवधारणा: हिंदी ने दूसरी भाषाओं के शब्द अपनाए — अतः वह उन्हें बाहर करने की नीति नहीं मानती।
- बहिष्कार = बाहर कर देना, त्यागना।
- आगे का अंश 'विदेशी शब्दों को बाहर रखकर' इसी की पुष्टि करता है।
- बधियाना, बहिश्चर, बौहानाप प्रसंगहीन।
याद रखें: 'बहिः' (बाहर) + 'कार' = बहिष्कार; जैसे 'विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार' (स्वदेशी आंदोलन)।
उत्तर: (B) बहिष्कार
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
राष्ट्रभाषा से यह अभिप्राय है कि वह अंतरप्रांतीय व्यापार और __(76)__ व्यवहार में सभी प्रांतों में रहनेवालों द्वारा बरती जाए और बदरीनाथ से रामेश्वर तक तथा अमृतसर से कटक तक सभी स्थानों में परस्पर बातचीत करने और __(77)__ में काम लाई जाए। राष्ट्रभाषा होने की आधिकारिक योग्यता हिंदी में आनी और लानी चाहिए। आज के युग में जब वैज्ञानिक आविष्कार के कारण दुनिया से स्थान और समय की दूरी समाप्त होती जा रही है, कोई भी भाषा दूसरी भाषा के संपर्क से अपने को __(78)__ नहीं रख सकती। हिंदी का यह एक विशेष गुण है कि उसने हिंदुओं की भाषा होते हुए भी अरबी, फारसी, अंग्रेजी इत्यादि के शब्दों को अच्छी तरह समाया। __(79)__ की नीति तो वह कदापि स्वीकार नहीं कर सकती और न विदेशी शब्दों को ही बाहर रखकर वह अपनी उन्नति कर सकती है। हिंदुस्तान में हिंदू, मुसलमान, ईसाई, सिख इत्यादि सभी बसते हैं, तो भी वह __(80)__ है। इसी प्रकार यदि हम सभी भाषाओं से उत्तम और आवश्यक शब्द लेंगे, तो भी हिंदी ही रहेगी।
Q300.रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
- Aराजस्थान
- Bहिंदुस्तान
- Cहिंदुआनी
- Dपाकिस्तान
Show answer
अवधारणा: वाक्य की तुलना अगले वाक्य से करें।
- लेखक का तर्क: विविध धर्मों वाले लोग बसें, फिर भी देश का नाम नहीं बदलता।
- ठीक वैसे ही दूसरी भाषाओं से शब्द लेकर भी हमारी भाषा वही बनी रहती है।
- (a), (d) प्रसंग से हटकर हैं; (c) किसी देश का नाम नहीं।
ट्रिक: वाक्य की शुरुआत 'हिंदुस्तान में…' से है — वही शब्द अंत में लौटता है।
उत्तर: (B) हिंदुस्तान